
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 जून।भोजपुर जिले में ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation), परिमार्जन (Parimarjan), परिमार्जन रेक्टिफिकेशन (Parimarjan Rectification) एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन (Parimarjan Digitization) से संबंधित मामलों के निष्पादन में शिथिलता बरतने वाले 25 राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध जिला पदाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी भोजपुर, श्री तनय सुल्तानिया द्वारा ऑनलाइन दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि संबंधित राजस्व कर्मियों के लॉगिन पर म्यूटेशन, डिफेक्ट चेक, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन से जुड़े बड़ी संख्या में आवेदन बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखे गए हैं।
जिलाधिकारी ने इसे आम नागरिकों एवं भू-धारियों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन राजस्व सेवाओं के प्रति उदासीनता तथा कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का गंभीर मामला मानते हुए संबंधित राजस्व कर्मचारी से वादवार स्पष्टीकरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही, लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन मामलों के समयबद्ध निष्पादन में विफल रहने के कारण उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।
कुल 25 राजस्व कर्मचारी का वेतन स्थगित किया गया है , जिनमें चरपोखरी अंचल से 1, सहार से 1, उदवंतनगर से 2,गढ़हनी से 1, बिहियाँ से 2, संदेश से 1, तरारी से 1, कोइलवर से 1, पीरो से 1, शाहपुर से 2, आरा सदर से 5, अगिआंव से 2 तथा बड़हरा अंचल से 5 राजस्व कर्मचारी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, परिमार्जन रेक्टिफिकेशन एवं परिमार्जन डिजिटाइजेशन से संबंधित मामलों का त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में अनावश्यक रूप से आवेदनों को लंबित रखने वाले कर्मियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित राजस्व कर्मचारी को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
