
शाहपुर/भोजपुर( राकेश मंगल सिन्हा) 02 जुलाई। भोजपुर जिले का शाहपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय जर्जर और बदहाल स्थिति में है। दीवाल का प्लास्टर छोड़ रहा है। छत से पानी टपक रहा है। मौसम की पहली बारिश में ही शाहपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय के कई कमरों में छत से पानी टपक रहा है। ऐसा लग रहा है मानो कमरे के भीतर बारिश हो रही है। कार्यालय के भीतर रखे कंप्यूटर, फाइल, कागजात आदि के ऊपर प्लास्टिक रखकर बारिश के पानी से उनको बचाया जा रहा है। आरटीपीएस काउंटर तथा उस कार्यालय में रखा कंप्यूटर एवं मशीन भीग कर खराब हो रहा है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय के दीवाल में दरार दिख रहा है। छत मे भी दरार है जिससे पानी टपकती रहा है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निर्माण आजादी के कुछ वर्षों बाद ही किया गया है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय के साथ-साथ पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के रहने के लिए क्वार्टर भी बना हुआ है। क्वार्टरों की हालत तो बिल्कुल ही दयनीय है। कई क्वार्टर तो गिर चुके हैं। कुछ क्वार्टर में मरम्मत कराकर लोग रह रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं आवासीय क्वार्टरों का निर्माण लगभग 50 वर्ष पूर्व हुआ था। सरकार को इतने पुराने भवनों का पुनरुद्धार करना चाहिए। प्रखंड सह अंचल कार्यालय का मरम्मत हमेशा कराया जाता है। मात्र कागजी खानापूर्ति ही की जाती है। प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी कार्यालय कक्ष को बढ़िया से ठीक-ठाक कर दिया जाता है। शेष कार्यालय भवन में मरम्मत के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जाती है। कर्मचारियों और लोगों का कहना है कि मौसम की पहली बारिश में ही यह स्थिति है तो आगे क्या होगा। सभी अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित हैं। लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ पंचायतों में पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है वहीं पंचायतों को नियंत्रित करने वाले प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं आवासीय भवनों की स्थिति जर्जर एवं बदहाल है। कई बुद्धिजीवियों की राय है कि इतने पुराने प्रखंड सह अंचल कार्यालय और आवासीय भवनों को तोड़कर नया भवन बनाया जाना चाहिए।

