सुनार का कार्य छोड पारंपरिक पद्धति से रोगों का कर रहे वर्षों से उपचार।
उज्जैन/मध्यप्रदेश ( मनोज कुमार प्रसाद)15 फरवरी। वन विभाग द्वारा आयोजित महाकाल वन मेले में सेवा देने आए नाडी वैद्य धरम सोनी साइटिका/सर्वाइकल जैसी बीमारी का उपचार मात्र पानी से भरा एक लोटा और गमछा से कर रहे है। इस पारंपरिक पद्धति से हो रहे उपचार से मेले में आने वाले लोग लाभांवित भी हो रहे है। वैद्य श्री सोनी कई अन्य बीमारियों का उपचार भी कर रहे है।जबलपुर के मढ़ी में रहने वाले नाड़ी वैद्य धरम सोनी बताते है कि वे वर्षो पहले सुनार का काम किया करते थे। उस दौरान एक गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बाद सब कुछ छोडकर जंगल चले गए थे जहां मिली चमत्कारी जड़ी-बुटियों से वह स्वस्थ हो गए। वापस लौटने पर पारंपरिक रुप से पानी से भरा लोटा और गमछा से उपचार की पद्धति को समझा और फिर लोगों का उपचार करने में जुट गए। वैद्य श्री सोनी ने बताया कि नसों में ब्लाकेज, नस दबी होना, रक्त संचार सही नही होना, शरीर में झुंझुनाहट के मरीज प्राय: उनके पास उपचार के लिए आते है। जिसे साइटिका/ सर्वाइकल भी कहा जाता है। वेद्य श्री सोनी द्वारा उक्त रोगों का उपचार मात्र 10 से 20 मिनट में एक लोटा पानी और गमछे के माध्यम से किया जाता है। इसमें कोई मंत्र या जड़ीबुटी नहीं दी जाती है। इस प्रक्रियां से 15 से 20 मिनट में पूरी तकलीफ दूर हो जाती है। शनिवार दोपहर महापौर मुकेश टटवाल द्वारा भी वैद्य श्री सोनी से उपचार करवाया गया। वैद्य श्री सोनी के उपचार के पश्चात महापौर श्री टटवाल ने जानकारी दी कि उन्हें राहत महसूस हो रही है। उन्होंने वन विभाग और वैद्य श्री सोनी को धन्यवाद भी दिया और जिले के रहवासियों से मेले में आकर वैद्यों के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ लेने का आग्रह किया है।

