‘रेजिलिएंट सिटीजन’, नीतीश पेंडेंट और उन्नत बाढ़ निगरानी प्रणाली बने आकर्षण का केंद्र।
RKTV NEWS/पटना/लखनऊ, 05 जून।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा लखनऊ में आयोजित “बाढ़ एवं बाढ़ संबंधी आपदा प्रबंधन संगोष्ठी” में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के आपदा प्रबंधन मॉडल को व्यापक सराहना मिली। संगोष्ठी में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कान्त ने बिहार में बाढ़ प्रबंधन, पूर्व चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक क्षमता निर्माण एवं आपदा प्रतिक्रिया से जुड़े नवाचारों की जानकारी साझा की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है।” उन्होंने आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) रोडमैप के छठे स्तंभ “रेजिलिएंट सिटीजन” को बिहार की आपदा प्रबंधन रणनीति का आधार बताते हुए कहा कि जागरूक और प्रशिक्षित नागरिक ही आपदाओं से प्रभावी मुकाबले की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
संगोष्ठी में बिहार द्वारा विकसित “नीतीश पेंडेंट” को विशेष सराहना मिली। विशेषज्ञों ने इसे अंतिम व्यक्ति तक पूर्व चेतावनी पहुंचाने वाला एक अभिनव और जीवनरक्षक उपकरण बताया। इसके साथ ही बिहार की Advanced River Flood Monitoring System, केंद्रीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा बहु-स्तरीय पूर्व चेतावनी संचार प्रणाली को भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रभावी पहल के रूप में सराहा गया।
उपाध्यक्ष ने बिहार के Dignified Evacuation and Response Model का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में आपदा प्रभावित लोगों की सुरक्षित एवं सम्मानजनक निकासी, राहत वितरण और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम, आपदा मित्र पहल, सामुदायिक स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण तथा बाढ़ पूर्व तैयारियों की भी जानकारी दी।
संगोष्ठी में उपस्थित विशेषज्ञों ने माना कि तकनीक, सुशासन, सामुदायिक सहभागिता और मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय से विकसित बिहार का मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।

