
RKTV NEWS/पटना (बिहार)04 जून।पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी हॉस्टल में एक छात्रा की कथित आत्महत्या के मामले में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की एक जांच टीम ने आज कंकड़बाग स्थित हॉस्टल में जाकर वहां के कर्मचारियों और कुछ छात्राओं से बातचीत की।
इस जांच टीम में ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मंजू प्रकाश, अनीता सिन्हा और दिव्या गौतम शामिल थीं।
टीम को पहले तो बताया गया कि वार्डन छुट्टी पर है लेकिन थोड़ी देर में वार्डन पहुंची। टीम को ज्ञात हुआ कि वहां कोई स्थाई वार्डन नहीं है बल्कि दिन में अलग और रात की ड्यूटी के लिए अलग महिला कर्मचारी हैं। कर्मचारियों ने अन्य लड़कियों के हवाले से बताया कि लड़की काफी हंसमुख स्वभाव की थी, परिवार वालों से उसकी कुछ दिन से बातचीत बंद थी और वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थी।
अगर कर्मचारियों की बात को मान लिया जाए कि लड़की मानसिक रूप से परेशान थी तो उसकी मनोवैज्ञानिक रूप से काउंसलिंग की किसी व्यवस्था के बारे में क्यों नहीं सोचा गया?
टीम ने सवाल किया है कि क्यों लड़कियों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं लेकिन सरकार की तरफ से इन मामलों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाया गया। ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने बताया कि ऐपवा की एक अन्य टीम मृत छात्रा के परिजनों से मिलने उसके घर समस्तीपुर पहुंची है।
उन्होंने कहा कि जहानाबाद की नीट छात्रा हत्याकांड में पुलिस प्रशासन की भूमिका सबने देखी कि किस तरह पूरे मामले को रफा-दफा कर देने की कोशिश हुई। आंदोलन के बाद सीबीआई जांच की घोषणा हुई लेकिन सीबीआई जांच धीमी गति में चल रही है और पारदर्शिता का अभाव है।
नीट छात्रा कांड के बाद कई घटनाएं बिहार भर में सामने आईं। खासतौर पर पटना के हॉस्टल लड़कियों के लिए मौत की जगह बन गए हैं लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
ऐपवा की जांच टीम में शामिल नेताओं ने मांग की है कि कंकड़बाग हॉस्टल मामले की गंभीरता से जांच हो और जरूरी कदम उठाए जाएं ।
