
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )23 मई।राज्य में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी एवं बढ़ते तापमान को देखते हुए आम नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से प्राप्त निर्देश एवं मुख्य सचिव, झारखंड सरकार के आदेश के आलोक में जिला साहायय शाखा (आपदा प्रबंधन), गढ़वा से पत्र जारी कर सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ एवं सुलभ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके तथा गर्मी से उत्पन्न कठिनाइयों को कम किया जा सके।
मुख्य सचिव, झारखंड सरकार के द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों एवं संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जारी आदेश के तहत जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, आवासीय परिसरों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों, चौक-चौराहों, बस पड़ावों, अस्पतालों, विद्यालयों तथा अन्य ऐसे स्थानों पर, जहाँ आम नागरिकों का अधिक आवागमन रहता है, पियाऊ एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के इस कठिन दौर में पेयजल केवल उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता एवं नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। इसी क्रम में सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि पियाऊ स्थलों पर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे आम नागरिकों को राहत मिल सके और जलजनित बीमारियों की संभावना को रोका जा सके।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सभी पियाऊ स्थलों पर स्पष्ट सूचना पट्ट लगाकर इसकी जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि राहगीरों एवं आम नागरिकों को सुविधा का लाभ आसानी से मिल सके। विशेष रूप से भीषण गर्मी के दौरान बाहर कार्य करने वाले श्रमिकों, विद्यार्थियों, वृद्धजनों तथा यात्रियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल सुविधा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है।
जिला प्रशासन ने पेयजल संकट की संभावित स्थितियों से निपटने के लिए भी व्यापक तैयारी करने का निर्देश दिया है। जिन क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की कमी अथवा जलापूर्ति में बाधा की स्थिति हो, वहाँ तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति, चापाकलों की मरम्मत, जलमीनारों एवं पाइपलाइन व्यवस्था के रख-रखाव तथा अन्य वैकल्पिक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस संबंध में पुलिस प्रशासन, अनुमंडल प्रशासन, नगर निकाय, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं संबंधित कार्यालय प्रधानों को सक्रिय समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जिले में कहीं भी पेयजल संकट उत्पन्न न होने पाए।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से निर्देशों का गंभीरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से इसकी समीक्षा करने को कहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि भीषण गर्मी के इस दौर में प्रत्येक नागरिक को राहत मिले और किसी भी व्यक्ति को पेयजल के अभाव का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें तथा किसी क्षेत्र में पेयजल संकट या खराब व्यवस्था की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को उपलब्ध कराएँ, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
