उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)23 मई।ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व के मद्देनजर जिले में शांति, सौहार्द एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी संजय कुमार प्रसाद, गढ़वा, रंका एवं श्री बंशीधर नगर के अनुमंडल पदाधिकारी, सभी एसडीपीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि पर्व के दौरान जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
उपायुक्त ने पशु तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी अंचल अधिकारियों, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारियों एवं संबंधित थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम गठित कर लगातार जांच एवं निगरानी अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्व के दौरान किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
बैठक में सोशल मीडिया पर अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम को विशेष प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को विशेष मॉनिटरिंग टीम गठित करने का निर्देश दिया। यह टीम पुलिस विभाग के कंट्रोल रूम के साथ समन्वय स्थापित कर व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगी तथा आपत्तिजनक एवं भड़काऊ पोस्ट पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि विगत वर्षों में राज्य के कुछ जिलों में पर्व के दौरान हुई अप्रिय घटनाओं का व्यापक असर देखने को मिला था। ऐसे अनुभवों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार पूरी सतर्कता और तैयारी के साथ कार्य कर रहा है ताकि बकरीद पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
उन्होंने सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से प्रशासन को सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा अप्रिय घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट या भ्रामक सामग्री साझा करने से बचें।
बैठक में थाना प्रभारियों को असामाजिक तत्वों की पहचान कर सक्रिय निगरानी रखने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा लगातार पेट्रोलिंग अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही किसी भी सूचना पर त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा पुलिस-प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय बनाए रखने पर बल दिया गया।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने भी पर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें, सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखें तथा किसी भी परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में आमजन एवं प्रशासन के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके अतिरिक्त अधिकारियों को अनुमंडल, प्रखंड, पंचायत एवं ग्राम स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर संभावित विवादित बिंदुओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में शांति समिति के सदस्यों, ग्राम के गणमान्य व्यक्तियों, मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं तथा प्रशासन पूरी तरह सतर्क, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

