जिला जनगणना पदाधिकारी ने प्रेस वार्ता कर आवश्यक जानकारियों को किया साझा।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)30 अप्रैल।उपायुक्त -सह- प्रधान जनगणना पदाधिकारी गढ़वा अनन्य मित्तल के निदेशानुसार अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी राज महेश्वरम द्वारा समाहरणालय के सभा कक्ष में प्रेस वार्ता का आयोजन करते हुए जनगणना 2027 की आवश्यक जानकारी को साझा किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 के बाद वर्ष 2027 में जनगणना का कार्य किया जाना है। भारत की 16वीं दशकीय जनगणना (2021) कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हो गई थी। देश में करीब 15 साल बाद जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू होने जा रही। आमतौर पर देश में हर 10 साल पर जनगणना कराने की परंपरा रही है लेकिन 2020-2021 में कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था, जो 2023-24 तक विलंबित है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2027 में जारी होगी। यह पहली बार पूरी तरह से डिजिटल (ऐप-आधारित) होगी।
उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में की जानी है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना होगी जो दिनांक- 16.05.2026 से 14.06.2026 तक चलेगी। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी जो माह फरवरी 2027 से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि जनगणना के इतिहास में पहली बार दो चीजें लागू की गई है। पहला, स्व-गणना (दिनांक- 01.05.2026 से 15.05.2026) तथा दूसरा, डिजिटल ऐप के माध्यम से गणना का प्रावधान किया गया है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने जानकारी दी कि स्व-गणना के प्रथम दिन अर्थात दिनांक 01.05.2026 को गणमान्य एवं विशिष्ट व्यक्तियों का स्व-गणना कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी चार्ज पदाधिकारियों (ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं शहरी क्षेत्रों कार्यपालक पदाधिकारी) को निदेश दिया गया है। इस जिले में कुल 23 चार्ज (20) ग्रामीण, 01 नगर परिषद एवं 02 नगर पंचायत) हैं। जनगणना कार्य में इस जिला में 10 प्रतिशत रिजर्व सहित लगभग 2798 प्रगणक एवं 495 सुपरवाईजर नियुक्त किये गये है, जो कुल 2493 HLB में गणना कार्य का सम्पादन करेगें। सभी चार्ज पदाधिकारी को जनगणना से संबंधित ट्रेनिंग प्रदान कराई गई है। साथ ही जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों का ट्रेनिंग कार्यक्रम चल रहा है।
जिला जनगणना पदाधिकारी श्री महेश्वरम ने बताया कि प्रथम चरण में जनगणनाकर्मी कुल 33 सवाल पूछेंगे। इनमें भवन संख्या, जनगणना गृह संख्या, फर्श-दीवार-छत की निर्माण सामग्री का उपयोग और स्थिति जैसी जानकारी शामिल है। परिवार में रहने वाले कुल सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और लिंग, मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य), मकान का मालिकाना हक, रहने वाले कमरों की संख्या और घर में विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और प्रकार, अपशिष्ट की निकासी, स्नान और रसोई की सुविधाएं, LPG/PNG कनेक्शन और खाना पकाने का मुख्य ईंधन शामिल हैं। गणना में रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार/जीप/वैन जैसी वस्तुओं के स्वामित्व के बारे में भी पूछा जाएगा। मुख्य रूप से खाए जाने वाले अनाज और जनगणना संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा।
जिला जनगणना पदाधिकारी श्री महेश्वरम ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। इसे अदालतों में सबूत के रूप में या सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। सिर्फ जनगणना के लिए बताये गयें कुल आंकड़ों के लिए ही उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आधार कार्ड/पैन कार्ड/बैंक विवरणी अथवा किसी प्रकार का OTP की जानकारी नहीं मांगी जायेगी। आम जनों को ऐसी किसी विवरणी को साझा करने के सम्बंध में सचेत रहने की बात कही।
जनगणना के दौरान जनगणना कार्य में लगे कर्मी को पहचान पत्र उपलब्ध कराई जायेगी, जिसमें QR Code भी अंकित रहेगा, जिसके माध्यम से उक्त कर्मी की पहचान की जाँच की जा सकती है। किसी भी परिस्थिति में गैर-प्राधिकृत व्यक्ति को उक्त सूचनायें साझा नहीं करनी है। इस सम्बंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, विशिष्ट व्यक्तियों एवं प्रेस मीडिया के प्रतिनिधियों से आम जनों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सहयोग करने की अपील की गई। दिनांक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक स्व-गणना हेतु web site – se.census.gov.in जारी की गई है।

