आरा /भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 जून।बुधवार को जिला गंगा समिति भोजपुर नमामि गंगे के तत्वावधान में केमेस्ट्री मिथिलेश प्रधान कोचिंग संस्थान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यही था कि युवाओं पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण के दोहन से होने वाले से दुष्परिणाम से अवगत कराना ।
जिला परियोजना अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि 5 जून को हर साल विश्व पर्यावरण दिवस यानी वर्ल्ड एनवारयमेंट डे मनाया जाता है ।इस दिन पूरे विश्व में लोगों को प्रकृति से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरुक किया जाता है। पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से जूझ रही है। बिना जागरूकता के इस पर नियंत्रण करना मुश्किल है। इसके लिए प्रति व्यक्ति को पौधा रोपण की सलाह दी जा रही है । शिक्षक मिथिलेश प्रधान ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का फैसला आज ही के दिन साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा स्टॉकहोम सम्मेलन में किया गया था।इस सम्मेलन का थीम पर्यावरण संरक्षण रखा गया था।भारत सहित पूरी दुनिया प्रदूषण से जूझ रही है चाहे वो वायु प्रदूषण, वायुमंडलीय प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण हो या फिर ई-वेस्ट से उत्पन्न होने वाला प्रदूषण। ऐसे में विश्व पर्यावरण दिवस सेलिब्रेट कर के लोगों को इस खास दिन पर्यावरण के प्रति जागरुक किया जाता है। ताकि धरती को बचाने में उनका भी योगदान हो।
