
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 अप्रैल।कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में आरा का नाम वैश्विक मानचित्र पर अंकित है जिसमें आरा की उपज गुरु बक्शी विकास की सांगीतिक सेवाओं को एक नई एवं महत्वपूर्ण उपलब्धि है।गुरु बक्शी विकास की सांगीतिक यात्रा के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में इस उपलब्धि का सम्मानित किया जा रहा है। सांगीतिक सेवाओं के लिए पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर में ‘अध्ययन आर्ट एकेडमी’ की ओर से गुरु बक्शी विकास को नृत्याराधना कार्यक्रम में गुरु अनुग्रह सम्मान से अलंकृत किया गया। गुरु विकास को यह सम्मान सुविख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना सह बिहार सरकार के गन्ना एवं उद्योग विभाग की प्रधान सचिव डॉ. एन. विजया लक्ष्मी जी ने प्रदान किया। इस अवसर पर गुरु विकास के बोल पढ़न्त की कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए उनकी सेवाओं का सम्मान किया गया। वर्ष 2026 से वर्ष 2027 तक पूरे वर्ष “25 बसंत संगीत के” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं जिसमें विगत 25 वर्षों में गुरु विकास द्वारा लाई गई सांगीतिक क्रांति से समाज को अवगत करवाया जायेगा साथ देश के दिग्गज कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।इस अवसर पर गुरु विकास ने कहा कि आरा की मिट्टी बहुत उपजाऊ है। भोजपुर महान पखावज वादक बाबू ललन जी जैसे सख्सियत की जन्मस्थली है और यहीं ठुमरी की रानी विश्वविख्यात गायिका विदुषी गिरजा देवी ने अपने जीवन का प्रथम मंचन किया था। मैंने संगीत सेवा के नाम पर बस बुजुर्गों के कार्यों का सम्मान किया है वही सम्मान अब आशीर्वाद के रूप में मुझे प्राप्त हो रहा है।इस उपलब्धि पर सांगीतिक जगत में खुशी की लहर दौड़ रही हैं एवं देश विदेश से शुभकामनाएं मिल रहीं हैं।
