
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)16 अप्रैल। गांडेय विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बुधवार को एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल के तहत धनवंतरी होड़ोपैथी इको पार्क (आयुर्वेदिक पार्क ) का शुभारंभ माननीय विधायक गांडेय, कल्पना मुर्मू सोरेन के करकमलों द्वारा किया गया। आयुर्वेदिक पार्क को संथाली भाषा में “होड़ोपैथी इको पार्क” कहा जाता है, जो पारंपरिक चिकित्सा और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। इस प्रकार के पार्कों में औषधीय पौधों का संरक्षण, संवर्धन और जन जागरूकता प्रमुख उद्देश्य होता है। संथाली समुदाय प्रकृति और जड़ी-बूटियों के महत्व को सदियों से समझता आया है, इसलिए “होड़ोपैथी इको पार्क” केवल एक नाम नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और ज्ञान का प्रतीक है। ऐसे पार्क लोगों को प्राकृतिक उपचार के प्रति प्रेरित करते हैं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला। अपने संबोधन में माननीय विधायक ने कहा कि यह पार्क न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एवं होड़ोपैथी आयुर्वेदिक जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है और यह पार्क उसी दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह भव्य होड़ोपैथी आयुर्वेदिक पार्क अपने आप में एक अनूठा केंद्र है। इसमें 120 से अधिक प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए हैं, जो विभिन्न रोगों के उपचार में सहायक माने जाते हैं। इन पौधों के संरक्षण और संवर्धन से न केवल प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को इनके महत्व के बारे में भी जानकारी प्राप्त होगी। पार्क में आमजन एवं विशेषकर बच्चों के लिए आकर्षक सुविधाओं का भी समुचित प्रबंध किया गया है। बच्चों के खेलने के लिए विशेष क्षेत्र विकसित किया गया है, वहीं युवाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे यह स्थान एक समग्र स्वास्थ्य एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त, रामनिवास यादव ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनहित में इस प्रकार की योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पार्क आने वाले समय में जिले के प्रमुख आकर्षणों में से एक बनेगा। इसके अतिरिक्त, पार्क में औषधीय पौधों से दवाइयों के प्रसंस्करण के लिए आधुनिक मशीनों की व्यवस्था भी की गई है। यह सुविधा स्थानीय स्तर पर दवा निर्माण को बढ़ावा देगी तथा स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 5 करोड़ रुपये है, जो इसकी व्यापकता और उपयोगिता को दर्शाती है। यह पार्क मात्र 10 रुपये के नाममात्र के टिकट शुल्क के साथ आम जनता के लिए खुला रहेगा, जिससे हर वर्ग के लोग यहां आकर इसका लाभ उठा सकेंगे।
वहीं पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, मनीष कुमार तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक, डॉ. बिमल कुमार ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
