समता मूलक समाज बनाने के लिए संघर्ष तेज करो:भाकपा माले,RYA,आइसा
आरा/ भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)14 अप्रैल ।डॉ. भीमराव अंबेडकर के 135 वीं जयंती पर भाकपा माले , आइसा और आरवाईए झंडा बैनर तले देशव्यापी आह्वान पर आरा शहर के पकड़ी चौक से जज कोठी होते हुए अंबेडकर चौक ( रमना मैदान)बाबा साहब के मूर्ति के पास पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया।
यह “समता संघर्ष” मार्च संविधान पर हमलों के खिलाफ छात्र – युवाओं की ललकार थी। जो भाजपा और RSS द्वारा बाबा साहब के सपनों को चकनाचूर करने की साज़िश को नेस्तनाबूद करने के जज्बे के साथ सड़कों पर उतरे थे। बाबा तेरे सपनों को, मंजिल तक पहुंचाएंगे, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करो, बाबा साहब के विचारों पर हमला नहीं सहेंगे, भारतीय संविधान जिंदाबाद, बाबा साहब अमर रहें, संविधान की रक्षा के लिए आगे बढ़ो, लोकतंत्र और भाईचारे के हिफाजत करो जैसे गगनभेदी नारे गूंज रही थी। समता संघर्ष मार्च संविधान पर हो रहे सुनियोजित हमलों के खिलाफ युवाओं की ललकार है। तत्पश्चात आइसा जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने सभा का संचालन किया।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले, आइसा और RYA के नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यह दिन केवल फूल चढ़ाने और भाषण देने का नहीं, बल्कि उस महान संकल्प को दोहराने का दिन है जो बाबा साहब ने इस देश के हर गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, महिला, श्रमिक और शोषित के लिए लिया था। आज जब भाजपा-आरएसएस की जोड़ी संविधान को टुकड़े-टुकड़े करने पर आमादा है, उसकी आत्मा को रौंद रही है, तब चुप रहना गुनाह होगा और संघर्ष करना फर्ज़। मोदी सरकार हर दिन संविधान के एक-एक अनुच्छेद को मिटाने का षड्यंत्र रच रही है। फासीवादी हमला अब प्रतीकों पर नहीं, आत्मा पर है। वे चाहते हैं कि भारत अडानी – अंबानी का गुलाम बन जाए, एक सांप्रदायिक तानाशाही में बदल जाए। आज जब संविधान की प्रस्तावना से ‘पंथनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ शब्द मिटाने की साजिशें खुलकर चल रही हैं, तब देश का युवा वर्ग इस साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी ताक़त से मैदान में उतरेगा। यह लड़ाई सिर्फ कागज़ों की नहीं, विचारों की है। और विचारों की लड़ाई में जनसंघर्ष ही सबसे बड़ा हथियार है। जो सरकार आज पूंजीपतियों के सामने घुटनों के बल झुकी हुई है, जो अमेरिका के तलवे चाटती है, जो देश के संसाधनों को बेच रही है, जो छात्र-नौजवानों की आवाज़ दबा रही है, जो किसान-मजदूरों को आत्महत्या की ओर धकेल रही है।
देश का छात्र नौजवान यह देश बिकने नहीं देंगे, यह संविधान मिटने नहीं देंगे, यह लोकतंत्र टूटने नहीं देंगे। बाबा साहब ने जो कलम से लड़ाई लड़ी, उसे हम आगे बढ़ाएंगे।हर नौजवान, हर मेहनतकश अपने हाथ में संविधान उठाए और दुश्मनों को ललकारे—कि यह किताब सिर्फ कानून नहीं, क्रांति का दस्तावेज है। इस किताब को जिसने भी जलाने की कोशिश की, उसे इतिहास ने कभी माफ नहीं किया है। आज के दौर में बाबा के विचारों पर चल कर ही इस भाजपा और RSS से मुकाबला कर सकते हैं बाबा साहब ने देश के उन तमाम दबले कुचले के , महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समुदायों को बराबरी का हक संविधान में दिया जिसके वजह से ये समाज आज देश और दुनिया में नेतृत्व कर रहे है। और इसे संयोज कर रखना हमारी जिम्मेवारी है।
मौके पर भाकपा माले जिला सचिव अभ्युदय जी, भाकपा माले केंद्रीय कमिटी सदस्य राजू यादव,केंद्रीय कमिटी सदस्य मनोज मंजिल,RYA राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, आइसा राज्य सचिव शबीर कुमार, इंसाफ मंच राज्य सचिव क्यामुदीन अंसारी RYA जिला सचिव निरंजन केसरी, जिला अध्यक्ष विशाल कुमार, भाकपा माले कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आईलाज नेता अमित कुमार बंटी,आइसा जिला अध्यक्ष विकाश कुमार, जिला सहसचिव रौशन कुशवाहा, सुधीर कुमार, कमलेश अंडेबकर,राजू रंजन,शियाकांत बैठा , राजेश कुमार, राजन, नीतू, अनीता, मुस्कान, वर्षा,अनूप, अखिलेश गुप्ता, अप्पू यादव,रणजीत,नागेंद्र,धनजीत,विकाश राजा,रीतेश,धनंजय,धीरेंद्र,संजय साजन,सुबोध,रणधीर,दीपांकर,राहुल, कमलेश, सुशील, अंकित, विराट, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

