
बाल गीत!
सन्नी-मन्नी दोनों भाई, रसगुल्ला पर करे लड़ाई; सन्नी बोला एक न दूँगा, मन्नी बोल पुरा लूँगा।
झगड़ा सुनकर माँ आयी, फिर दोनों को वह समझायी; करो न झगड़ा दोनों भाई, मिल बाँट कर खाओं मिठाई।
आधा ले लो सन्नी बेटा, आधा ले लो मन्नी बेटा; अब से झगड़ा कभी न करना, प्रेम से मिलकर, रहना बेटा।
अच्छा होता नहीं लड़ाई, होगी फिर तो जग हँसाई, मान गये फिर दोनों बेटे, घर में तो अब खुशीयाँ छाई।

उक्त कविता ख्यातिप्राप्त लेखक,कवि,व्यंग्यकार,समीक्षक, अनुवादक “डॉ कृष्ण दयाल सिंह”जो एक अवकाश प्राप्त डाक सेवा अधिकारी भी है, उनके साहित्य काल के शुरूआती दौर में 09 फरवरी 1998 को प्रकाशित की गई कविता संग्रह पुस्तक “यत्र-तत्र”से ली गई है और यह कवि की उक्त संग्रह की बत्तीसवीं रचना है। RKTV NEWS नित्य इनके संग्रहित पुस्तक से क्रमवार एक एक रचना प्रकाशित करेगी। इनकी कई रचनाएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती है साथ ही इनके दर्जनों पुस्तक भी प्रकाशित हो चुके है, वर्तमान में बिहार राज्य के भोजपुर जिला अंतर्गत आरा के वशिष्ठपुरी में निवास करते है। सुझाव और संपर्क हेतु: 9570805395)
