
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)10 अप्रैल।राजकीय पुस्तकालय, दुमका में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की उपस्थिति में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों हेतु एक प्रेरणात्मक सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, UPSC परीक्षा में 41वीं रैंक प्राप्त कर IAS बनने वाली सुदीपा दत्ता तथा राजकीय पुस्तकालय के विद्यार्थियों के साथ बुक क्लब का फीता काटकर उद्घाटन किया गया।इसके उपरांत उपायुक्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर प्रेरणात्मक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु कई महत्वपूर्ण मूल मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में “3D” का विशेष महत्व है डिटरमिनेशन (Determination), डिसिप्लिन (Discipline) एवं डेडीकेशन (Dedication)। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, तत्पश्चात अनुशासन के साथ उस लक्ष्य के अनुरूप रणनीति बनाकर पूर्ण समर्पण के साथ निरंतर प्रयास करना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि सुदीपा दत्ता ने दुमका जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने अपने सिविल सेवा की तैयारी की शुरुआत वर्ष 2021 में इसी पुस्तकालय से की थी, जहाँ आज यह कार्यक्रम आयोजित हुआ है। उन्होंने बुक क्लब की स्थापना एवं विकास में पूर्व सहायक समाहर्ता नाजिश उमर अंसारी के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है तथा बदलते दौर के साथ अध्ययन पद्धति में भी बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि संसाधनों की कमी को कभी भी अपनी कमजोरी न मानें, बल्कि निष्ठा, परिश्रम एवं लगन के बल पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इसी क्रम में सुदीपा दत्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए UPSC परीक्षा की तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने अपनी तैयारी यात्रा का वर्णन करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा उनके प्रश्नों का सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने बताया कि यद्यपि इंटरनेट पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध है, फिर भी स्वयं के नोट्स बनाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे विषय की समझ बेहतर होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं के अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सफलता के लिए केवल मोटिवेशन पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाले विभिन्न प्रकार के विचलनों जैसे मोबाइल, मित्रों एवं अन्य कारणों से स्वयं को नियंत्रित रखते हुए लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सलाह दी।
