
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )28 मार्च।जिले में प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने की दिशा में समाहरणालय, गढ़वा की जिला स्थापना शाखा द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में जारी स्थानांतरण एवं पदस्थापन आदेश में पाई गई त्रुटियों के मद्देनज़र आवश्यक संशोधन करते हुए अद्यतन आदेश जारी किया गया है।
पूर्व में जारी आदेश में गढ़वा जिला अन्तर्गत विभिन्न अंचल कार्यालयों में कार्यरत राजस्व उप निरीक्षकों का स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया गया है। उक्त स्थानांतरण आदेश के क्रमांक-24 पर *श्री शिवपत राम्, राजस्व उप निरीक्षक, अंचल कार्यालय, भण्डरिया (सम्प्रति निलंबित) का स्थानांतरण अंचल कार्यालय, सगमा एवं क्रमांक-29 पर श्री गौरव आनन्द, राजस्व उप निरीक्षक (सम्प्रति मृत) का स्थानांतरण अंचल कार्यालय, भवनाथपुर से अंचल कार्यालय, रंका में त्रुटिवश हो गया है, जिसमें आवश्यक सुधार करते हुए क्रमांक-24 एवं 29 पर अंकित इन दोनों राजस्व उप निरीक्षकों का स्थानांतरण आदेश विलोपित किया जाता है।साथ ही क्रमांक 24 एवं 29 में अंकित दो राजस्व उप निरीक्षकों के स्थानांतरण में तथ्यात्मक त्रुटि पाई गई थी। इस कारण प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इन दोनों स्थानांतरण आदेशों को तत्काल प्रभाव से संशोधित कर दिया है। यह निर्णय प्रशासनिक सटीकता और कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, क्रमांक 12 के अंतर्गत राजस्व उप निरीक्षक धनलाल उरांव के पदस्थापन से संबंधित कार्यालय के नाम में भी संशोधन किया गया है। अब उनका वर्तमान पदस्थापन अंचल कार्यालय डंडई के स्थान पर अंचल कार्यालय मझिआंव माना जाएगा।
नामों में हुई त्रुटियों को भी गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने चार राजस्व उप निरीक्षकों के नामों में सुधार किया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा उत्पन्न न हो। संशोधित नामों में बिन्देश्वर पासवान को संशोधित कर बिन्देश्वर कुमार किया गया है। मनोज कुमार पासवान का नाम अब मानस कुमार पासवान होगा। अरविन्द महतो को संशोधित कर अरविन्द महली किया गया है और इन्तेखाब आलम का नाम अब इंतिखाब आलम अंकित किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी संशोधित आदेश के अनुरूप ही अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। यह संशोधन प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


