आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पवेलियन-सीख, संवेदना और व्यावहारिक प्रशिक्षण का सशक्त संगम।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )24 मार्च।बिहार दिवस 2026 के अवसर पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का पवेलियन जनसहभागिता, नवाचार और व्यावहारिक प्रशिक्षण का एक प्रभावशाली मंच बनकर उभरा। यहाँ आने वाले आगंतुकों ने न केवल आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्राप्त की, बल्कि उसे वर्चुअल अनुभव के माध्यम से समझकर आत्मसात भी किया, जो इस पवेलियन की सबसे बड़ी विशेषता रही। प्राधिकरण के पवेलियन में प्रतिदिन 20,000 से अधिक आगंतुकों को आपदा प्रबंधन एवं बचाव संबंधी जागरूकता प्रदान की गई।
पवेलियन में ‘भूलभुलैया’ गतिविधि विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसके माध्यम से बाढ़, वज्रपात, भूकंप, डूबने की घटनाएँ तथा सड़क सुरक्षा जैसे प्रमुख जोखिमों से बचाव की जानकारी रोचक ढंग से दी गई। इसके अतिरिक्त, झुग्गी-झोपड़ियों एवं पक्के मकानों में अगलगी से बचाव के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें आगंतुकों ने काफी सराहा।
समापन अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद ने ऑनलाइन माध्यम से पवेलियन समापन समोरोह से जुड़कर प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत, सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार, शंभु दत्त झा, सचिव मो. वारिस खान सहित अन्य गणमान्य अतिथि एवं बड़ी संख्या में आगंतुक उपस्थित रहे।
बिहार दिवस के अंतिम दिवस में पवेलियन में कई विशेष इंटरैक्टिव गतिविधियाँ आयोजित की गईं। ‘दोस्ताना सफर’ पहल के अंतर्गत किन्नर समुदाय द्वारा ‘गुलाबी यात्रा’ के माध्यम से समानता, बंधुत्व एवं एचआईवी/एड्स से बचाव के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों ने विभिन्न स्टॉलों पर सक्रिय भागीदारी करते हुए आपदा से बचाव के उपायों को अभ्यास के माध्यम से सीखा। पवेलियन में तकनीक और परंपरा का प्रभावशाली संगम देखने को मिला, जिसमें-
• ड्रोन तकनीक के माध्यम से आपदा निगरानी एवं राहत कार्यों का प्रदर्शन
• NDRF द्वारा खोज एवं बचाव की उन्नत तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन।
• एआर-वीआर तकनीक के जरिए आपदाओं का वास्तविक अनुभव।
• ‘शेक टेबल’ के माध्यम से भूकंप के प्रभाव को समझने का अवसर।
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति भी आगंतुकों में विशेष उत्साह देखा गया। रेड क्रॉस सोसाइटी एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वहीं SDRF द्वारा प्राथमिक उपचार, CPR एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ।
पवेलियन का एक और उल्लेखनीय पहलू दिव्यांगजन सहभागिता रहा, जहाँ दिव्यांग बच्चों ने नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि आपदा प्रबंधन में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह पहल सामाजिक समावेशन और जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।
पवेलियन के मुख्य मंच एवं गांधी मैदान परिसर में नुक्कड़ नाटक, जोकर और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आपदा से बचाव के संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किए गए, जो दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं तकनीकी साझेदारों के स्टॉलों पर उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि आपदा प्रबंधन अब केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुका है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का यह प्रयास स्पष्ट करता है कि जागरूकता, प्रशिक्षण और तकनीक के समन्वय से ही एक “सुरक्षित, सजग और सक्षम बिहार” का निर्माण संभव है।


