जिला सम्मेलन में सर्वसम्मति अभ्युदय चुने गए नये जिला सचिव।

जिला सम्मेलन में फासीवादी व बुल्डोजर राज के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वाहन।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 मार्च। देश में बढ़ते फासीवादी हमले के खिलाफ व बुल्डोजर राज के खिलाफ प्रतिरोध तेज करने के लिए शहीदे आजम भगत सिंह के 95 वें शहादत दिवस के अवसर पर कल 23-24 मार्च को भाकपा-माले का 14 वां दो दिवसीय जिला सम्मेलन शहीद-ए-आजम भगत सिंह नगर,रामनरेश राम, सभागार आरा व रामकिशोर राय,गोपाल प्रसाद,अशोक सिंह,शाहिदा खातून मंच नागरी प्रचारिणी सभागार आरा में सम्पन्न!सम्मेलन शुरू होने से पहले विदाई जिला कमेटी की ओर से निवर्तमान जिला सचिव जवाहरलाल सिंह ने पिछले कामकाज की रिपोर्ट पेश किया!जिसमें 50 प्रतिनिधियों ने बहस में भाग लेकर कामकाज की रिपोर्ट को समृद्ध किया!जिला सम्मेलन में सात सदस्यीय अध्यक्षमंडल में रमेश जी,संजय सिंह,विजय ओझा,इंदू सिंह,क्यामुद्दीन अंसारी,दिलराज प्रीतम,संगीता सिंह व पर्यवेक्षक राज्य कमेटी सदस्य रामाधार सिंह की देखरेख में सम्पन्न हुआ!
सम्मेलन में 73 सदस्यीय नयी जिला कमेटी का गठन किया गया!सम्मेलन में 50 प्रतिनिधि ने बहस में भाग लेकर कामकाज की रिपोर्ट को समृद्ध किया।
जिला सम्मेलन का उद्घाटन भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य व बिहार राज्य सचिव कुणाल ने किया!
मुख्य अतिथि भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य व वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य,सहित कई नेतागण मौजूद थे!सम्मेलन में लगभग 600 प्रतिनिधि शामिल हुए!जिला सम्मेलन में देश व राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर गहन चर्चा होगी एवं देश में बढ़ते फासीवादी हमलों के खिलाफ प्रतिरोध को तेज करने तथा वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए जनता के ज्वलंत मुद्दों पर आंदोलनात्मक कार्यभार तय किया गया! सम्मेलन में सात सदस्यीय राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया!
1. अमेरिका–इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंकने का खतरा पैदा कर दिया है. सैकड़ों बेगुनाह नागरिक मारे जा रहे हैं. देशों की संप्रभुता रौंदी जा रही है और यह युद्ध एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक शांति, अर्थव्यवस्था और मानवता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है. सम्मेलन इस युद्ध को तत्काल रोकने की मांग करता है.
2. अमेरिका—इजरायल गठजोड़ के सामने मोदी सरकार ने घुटने टेकते हुए, संप्रभुता , पारस्परिक सहयोग व मैत्री पर आधारित भारत की पारंपरिक विदेश नीति को पलट दिया है. विश्व व्यापार व विदेश नीति अमरीका के इशारे पर तय हो रही है. अमरीकी साम्राज्यवाद के प्रति मोदी सरकार के इस शर्मनाक आत्मसमर्पण की यह सम्मलेन तीखी भर्त्सना करता है और युद्ध के खिलाफ संप्रभुता व विश्व शांति के पक्ष में मोदी सरकार द्वारा स्पष्ट रुख अपनाने की मांग करता है.
3. शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेद-भाव के खिलाफ आ रहे UGC रेगुलेशन को रोक दिया गया है. इसके खिलाफ जारी छात्र–युवा आंदोलन के पक्ष में खड़ा होते हुए यह सम्मेलन मोदी सरकार से रोहित एक्ट के तर्ज पर UGC रेगुलेशन तत्काल लागू करने की मांग करता है.
4.उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार बुलडोजर राज की नई प्रयोगशाला बनने जा रहा है. गरीबों को उजाड़ने की किसी भी बुलडोजर कार्रवाई का यह सम्मेलन तीखा विरोध करता है और बुलडोजर करवाई को जनप्रतिरोध के जरिए रोकने का संकल्प लेता है.
5. महिलाओं- बच्चियों के साथ हिंसा और बलात्कार की बढ़ रही घटनाओं की यह सम्मेलन कड़ी निंदा करते हुए उनकी सुरक्षा – सम्मान और बराबरी देने की गारंटी करने की मांग करता है.
6. यह सम्मेलन दलितों पर लगातार बढ़ते हमलों के प्रति चिंता और रोष प्रकट करता है और इसे तत्काल रोकने की मांग करता है .
7. बिहार में खुले में मीट- मछली बिक्री पर नियंत्रण के नाम पर ,इस पेशे से जुड़े ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के गरीबों को निशाना बनाने की कोशिश का यह सम्मेलन कड़े शब्दों में निंदा करता है और इसे तत्काल वापस लिए जाने की मांग करता है.जिला सम्मेलन का समापन इंटरनेशनल गीत सम्मेलन हुआ!यह जानकारी भाकपा-माले के जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों को दी


