
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)09 मार्च।पकड़ी मस्जिद में पवित्र रमजान के उपलक्ष्य में तरावीह की नमाज मुकम्मल हुई।मस्जिद के इमाम हाफिज व कारी मो. काशिफ रजा मदनी ने तरावीह की नमाज पढ़ाई। जिसमें इस्लाम के सिद्धांतों और माता-पिता की सेवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हाफिज अमजद राजा उर्फ मक्की ने कहा कि मां की खिदमत करने वालों को अल्लाह जन्नत अता करेगा। जब तक माता-पिता का साया हमारे सिर पर है, समझो हमारे पास रोशनी है। उन्होंने कहा कि जो लोग रमजान के मुबारक महीने में कुरान-ए-पाक की ज्यादा से ज्यादा तिलावत करते हैं और शरीयत के वसूलों पर चलते हैं, वही लोग वास्तव में जन्नती होंगे।मौलाना मुफस्सिर ने रमजान की अहमियत बताते हुए कहा कि अल्लाह को रोजेदार के मुंह की महक मुश्क (कस्तूरी) से भी ज्यादा प्रिय है। उन्होंने कहा कि रमजान की कद्र करें, आखिरत (परलोक) की तैयारी करें और कयामत के दिन की फिक्र करते हुए नेक राह पर चलें।
इस मौके पर इमाम काशिफ रजा मदनी ने अपनी सुरीली आवाज में नात-ए-पाक पेश किया- लेके उम्मीद की दास्तान मदीने की तरफ, चल पड़ा है यह गुनहगार मदीने की तरफ।कार्यक्रम के अंत में हाफिज व कारी काशिफ रजा मदनी ने देश और दुनिया में अमन, शांति और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ मांगी।
