डीएम वर्षा सिंह ने महिलाओं द्वारा साझा किए गए अनुभवों के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का दिया संदेश।
RKTV NEWS/हाजीपुर (वैशाली)08 मार्च।जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देशन में समाहरणालय स्थित पुष्करणी सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
महिला एवं बाल विकास निगम, कला संस्कृति विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा जीविका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करना रहा।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके आगमन पर उप विकास आयुक्त, वैशाली द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गान से हुई, जिसके बाद अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व को दर्शाती सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर महिला दिवस के उत्सव को प्रतीकात्मक रूप से मनाते हुए केक भी काटा गया।
कार्यक्रम के दौरान कला संस्कृति विभाग द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई तथा भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से समाज में बेटियों के महत्व और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया गया।
इसके बाद महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके सशक्तिकरण के प्रयासों को दर्शाया गया।
इस अवसर पर जीविका दीदियों द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट कार्यों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में महिलाओं को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी दिया गया, जिससे महिला सशक्तिकरण से जुड़े वास्तविक अनुभवों और चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हो सकी।
कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड, नैपकिन एवं ट्रैक शूट का वितरण किया गया।
साथ ही पुलिस सेवा से पूर्णिमा कुमारी, एसआई पासपोर्ट शाखा, सरिता कुमारी, एसआई, कांस्टेबल रीमा कुमारी, स्नेहा कुमारी एवं खूशबू कुमारी, अग्निशमन सेवा से पूजा कुमारी एवं सत्या कुमारी, गृह रक्षा वाहिनी से आंचल कुमारी, आशा कुमारी, शिक्षिका जूही कुमारी, चंचल कुमारी इत्यादि अन्य विभागों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।
इस अवसर पर अपने संबोधन में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि एक महिला होने के नाते जीवन में आने वाले अनुभवों को समाज के साथ साझा करना भी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर जीवन के विभिन्न चरणों तक महिलाओं को कई ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ता है, जो कभी-कभी कठिन और कड़वे भी होते हैं, लेकिन इन्हीं अनुभवों से समाज को सीख मिलती है।
उन्होंने कहा कि अक्सर सामाजिक दबाव के कारण महिलाएं अपने मन की बात खुलकर नहीं कह पाती हैं। कई बार यह सोच भी समाज में देखने को मिलती है कि अगले जन्म में बेटी के रूप में जन्म न मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि यह सोच समाज में मौजूद दबाव और असमानताओं को दर्शाती है, जिसे बदलना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों को साझा करें ताकि अन्य लोग भी उनसे सीख सकें। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को खुलकर बोलने और अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, तब समाज को महिलाओं की वास्तविक चुनौतियों और संघर्षों की समझ मिलती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज में कई प्रकार की धारणाएं रही हैं, जैसे कि महिलाएं कुछ क्षेत्रों में सक्षम नहीं होतीं या वे पुरुषों की तुलना में कम मेहनत कर सकती हैं। लेकिन आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसी महिला को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलती है तो वह अक्सर अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए और अधिक मेहनत करती है, ताकि उसकी योग्यता पर कोई प्रश्न न उठ सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि हाल के दिनों में घटी घटनाएं समाज में सहनशीलता की कमी को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी समझ, धैर्य एवं सहनशीलता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है, जिसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में भी महिलाओं ने समाज के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज आवश्यकता इस बात की है कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज के विकास में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम के अंत में जीविका दीदियों द्वारा महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ ग्रहण किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जीविका दीदियां, छात्राएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। यह आयोजन महिलाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने वाला प्रेरणादायी अवसर साबित हुआ।

