इंदौर जिले में मकानों की गणना का प्रथम चरण आगामी एक मई से 31 मई तक चलेगा।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 27 फरवरी। इंदौर जिले में आगामी जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में कलेक्टर कार्यालय के सभागृह (कक्ष क्रमांक 210) में जनगणना से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तीन चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी निशा डामोर की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक जनगणना निदेशालय मध्यप्रदेश शासन विनीत यादव, सहायक निदेशक जनगणना सुमित बडोले, नगर निगम के अपर आयुक्त एवं नगर जनगणना अधिकारी नरेन्द्रनाथ पांडे एवं जिला योजना एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी माधव बेन्डे सहित नगर पालिका निगम के अधिकारी, नगर निगम के समस्त झोनल अधिकारी एवं उनके सहायक जनगणना लिपिक शामिल हुए।
अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी निशा डामोर ने कहा कि जनगणना के महत्व पर प्रकाश डाला। जनगणना प्रशिक्षण कार्यशाला में बताया गया कि भारत की जनगणना 2027 के प्रारंभिक गणना में भवन एवं मकानों की गणना की जाएगी। जनगणना का पहला चरण आगामी एक मई से प्रारंभ होकर 31 मई 2026 तक सम्पन्न होगा।
इस चरण में मकानों की गणना का कार्य सम्पादित किया जाएगा। इसके पूर्व मार्च-अप्रैल में समस्त प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और उनका प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न होगा। जनगणना प्रशिक्षण कार्यशाला में जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं प्रपत्रों के संधारण, डिजिटल मोड्यल डाटा की शुद्धता तथा कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।

