
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)21 फरवरी।जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने नारी अदालत चयन से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, बिनोद कुमार सिंह, संबंधित विभाग के पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नारी अदालत के सुदृढ़ संचालन, मामलों के त्वरित निष्पादन तथा महिलाओं को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस रणनीति तय करना था। बैठक के दौरान उपायुक्त ने नारी अदालत के चयन की प्रक्रिया पर विशेष बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि नारी अदालत का चयन कर लिया गया है। जिसमें 07 सदस्य शामिल हैं, 1. बड़की सोरेन, 2. सोनी देवी, 3. बबली देवी, 4. तनीषा सोरेन, 5. रश्मि हांसदा, 6. नाजनी खातून, 7. एलिसा मरांडी। साथ ही मुख्य न्याय सखी के रूप में सोनी देवी का चयन किया गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नारी अदालत केवल विवाद समाधान का मंच नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिया कि घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मतभेद एवं अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़े मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। सभी मामलों का विधिवत पंजीकरण, समयबद्ध सुनवाई तथा पारदर्शी निर्णय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नारी अदालत की बैठकों का नियमित आयोजन हो तथा प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का संधारण किया जाए।
संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नारी अदालत से जुड़े सदस्यों का समय-समय पर प्रशिक्षण कराया जाए, ताकि वे कानूनी प्रावधानों एवं महिला अधिकारों के प्रति पूर्ण रूप से जागरूक रहें। उपायुक्त ने प्रचार-प्रसार पर भी जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं तक नारी अदालत की जानकारी पहुंचे, इसके लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर नारी अदालत को प्रभावी, संवेदनशील और परिणाममुखी बनाने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ित महिलाओं को त्वरित एवं न्यायसंगत सहायता मिल सके।
