
उमरिया/ मध्यप्रदेश ( मनोज कुमार प्रसाद) 07फरवरी।कभी आर्थिक तंगी और असुरक्षित भविष्य से जूझ रहीं सुखमनिया बाई आज आत्मसम्मान और भरोसे के साथ जीवन जी रही हैं। यह बदलाव संभव हो पाया है शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी लाभ से।
सुखमनिया बाई को आहार अनुदान योजना के तहत पोषण सहायता मिल रही है, जिससे उनके परिवार के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हुआ है। खाद्यान्न योजना के माध्यम से नियमित रूप से राशन उपलब्ध होने से भोजन की चिंता अब बीते दिनों की बात हो गई है। सबसे बड़ा सहारा बना प्रधानमंत्री आवास योजना, जिसके अंतर्गत उन्हें पक्का आवास मिला। अब उनका परिवार सुरक्षित छत के नीचे सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है। वहीं लाड़ली बहना योजना से प्राप्त 1500 रुपए की मासिक सहायता ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे वे घरेलू जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं।
सुखमनिया बाई बताती हैं कि शासन की इन योजनाओं ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। आज वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं और समाज में सम्मान के साथ खड़ी हैं।
यह कहानी इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब योजनाएं सही व्यक्ति तक पहुँचती हैं, तो ज़िंदगी की दिशा बदल जाती है। सुखमणिया बाई जैसी अनेक महिलाएं आज शासन की योजनाओं से सशक्त होकर आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बन रही हैं। सुखमनिया बाई ने अपने जीवन में सकारात्मक सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
