आरा/ भोजपुर (अमरेश सिंह)21 जून।महान संगीत प्रसिक सह चिंतक स्व. कृष्णा जी को सांगीतिक श्रद्धांजलि दी गई। कला एवं साहित्य जगत के कई गणमान्य लोगों ने कृष्णा जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। अवसर था विश्व संगीत दिवस का। हाल के दिनों में दिवंगत हुये कृष्णा जी को उनकी सांगीतिक अभिरुचि के लिये आरा संगीतज्ञ परिवार व शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एण्ड म्यूजिक की ओर से प्रथम श्रोता सम्मान से नवाज़ा गया। यह सम्मान कृष्णा जी के सुपुत्र गोपी वल्लभ कृष्णा को वरिष्ठ तबला वादक राणा प्रताप सिन्हा, शास्त्रीय गायिका विदुषी बिमला देवी, कथक गुरु बक्शी विकास, संगीतज्ञ चंद्रमोहन ओझा ने संयुक्त रूप से प्रदान किया। विश्व संगीतज्ञ दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज सेवी आनंद मोहन सिन्हा ने कृष्णा जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि कृष्णा जी का जीवन आध्यात्म और संगीत से परिपूर्ण रहा है। वही चर्चित साहित्यकार पवन श्रीवास्तव ने कहा कि सांगीतिक प्रस्तुतियों की व्याख्या करने अद्भुत प्रतिभा थी। सांगीतिक, राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले कृष्णा जी कई आयोजनों के सलाहकार थे। इस अवसर पर श्रेया पाण्डेय, वंदना, संचिता, श्रेया सुमन व हर्षित ने राम भजन प्रस्तुत किया। वहीं सिद्धि, हंसिका व सौम्या जैन ने ठुमरी पर भाव अभिनय प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। वही स्नेहा पाण्डेय , मुस्कान व सलोनी ने मोहन रसिया आये बगिया पर नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। रामकिशोर मिश्रा व अजीत पाण्डेय ने राग मारू विहाग में बड़ा ख्याल, छोटा ख्याल “पनघटवा छेड़त मोहे कान्ह कुंवर व ठुमरी प्रस्तुत कर समां बांधा। कथक नृत्यांगना शालिनी महाराज ने तीन ताल में पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर दर्शकों कों मंत्रमुग्ध कर दिया। जगदीशपुर के राणा प्रताप सिन्हा व देवेश दुबे ने तबले की थाप से दर्शकों कों खूब आनंदित किया। मंच संचालन अमित कुमार व धन्यवाद ज्ञापन गुरु आदित्या श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर साहित्य व संगीत जगत के कई गणमान्य उपस्थित थे।

