
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 फ़रवरी।ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय विद्या महाकुम्भ का उद्घाटन बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र के अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि खेल, विज्ञान, तकनीक और नये-नये खोज को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक आयोजनों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास होता है। विद्या महाकुम्भ जैसे मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ खेल और रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।प्राचार्या डॉ. सीपी जैन ने बताया कि विद्यालय के बच्चे अपने अनुभव और सिलेबस पर आधारित प्रोजेक्ट बनाकर प्रदर्शित कर रहे हैं।विद्यालय के वाईस प्रिंसिपल डॉ. सर्वेश कुमार के अनुसार विद्या महाकुम्भ में विद्यालय के लगभग 1150 बच्चों ने भाग लिया और 715 से अधिक प्रोजेक्ट जिसमें रोबोटिक्स, विज्ञान के चमत्कार, स्मार्ट सिटी, प्रदूषण नियंत्रण, अर्थशास्त्र, नदियों के निर्मलीकरण, विकसित भारत 2047, कचरा प्रबंधन, डिजास्टर अलर्ट, इतिहास, पुस्तकों का महत्व, थ्री-डी तकनीक, कैनवास पेंटिंग, हस्त निर्मित वस्तु आदि रहे
उद्घाटन के अवसर पर कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया, डॉ. एस. के. रूंगटा, डॉ. सविता रूंगटा, डॉ. कुमार जितेन्द्र, भाई ब्रह्मेश्वर, डॉ. राखि अग्रवाल, कर्नल राणा प्रताप, ई. धीरेन्द्र सिंह, विभु जैन, पंकज प्रभाकर, प्रभुनाथ सिन्हा, हाकिम प्रसाद, सोनू राय, अजित राय, रवि शंकर आदि उपस्थित रहे।
