RK TV News
खबरें
Breaking News

बागपत:लोगों को नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाएगा संविधान पार्क: राज्यमंत्री एवं जिलाधिकारी ने किया लोकार्पण।

गणतंत्र दिवस पर बड़ौत नगर में संविधान पार्क का लोकार्पण: संवैधानिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा लेकर लौटे लोग।

अब यहां टहलते-टहलते जिम्मेदार नागरिक बनना सिखाएगा संविधान पार्क, अधिकारों और कर्तव्यों को जानेंगे लोग।

यहाँ से निकलेगी संवैधानिक सोच वाली पीढ़ी, हर कदम पर मिलेगा संवैधानिक का ज्ञान।

संविधान, चरखा, वाटर कियोस्क, बुक प्वाइंट, अधिकारों एवं कर्तव्यों के बोर्ड से पार्क का हुआ सौंदर्यीकरण।

RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)26 जनवरी। गणतंत्र दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर बड़ौत नगर पालिका परिसर में विकसित संविधान पार्क का लोकार्पण जनपद के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण बन गया। यह पार्क संविधान, नागरिक कर्तव्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी सोच और सामाजिक जागरूकता, इन सभी का समेकित प्रतीक बनकर उभरा है। लोकार्पण कार्यक्रम में यूपी सरकार के राज्यमंत्री केपी मलिक, नगर पालिका अध्यक्ष बबीता तोमर तथा जिलाधिकारी अस्मिता लाल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
पार्क का केंद्रीय आकर्षण विशाल आकार में स्थापित संविधान की पुस्तक एवं उसकी प्रस्तावना है। 11 फीट ऊँचाई और 14 फीट चौड़ाई वाली यह संरचना न केवल आकार में भव्य है बल्कि अपने संदेश में भी अत्यंत प्रभावशाली है। लगभग 600 किलोग्राम वजनी यह प्रतिकृति रिसाइकल्ड मटीरियल से निर्मित है जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है। यहाँ आने वाला प्रत्येक नागरिक संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व—को पढ़ते हुए उनसे सीधा संवाद करता प्रतीत होता है। यह स्थापना युवाओं और विद्यार्थियों के लिए खुली पाठशाला की तरह है, जहाँ लोकतंत्र के सिद्धांत दृश्य रूप में समझ आते हैं।
पार्क के विभिन्न हिस्सों में आकर्षक डिज़ाइन वाले संवैधानिक अधिकारों एवं नागरिक कर्तव्यों के बोर्ड लगाए गए हैं। ये बोर्ड न केवल जानकारी देते हैं, बल्कि नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में कर्तव्यों के पालन के लिए प्रेरित भी करते हैं। स्वच्छता, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सद्भाव और संविधान के सम्मान जैसे विषयों को सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
संविधान पार्क की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा का व्यापक उपयोग। आमतौर पर जो कचरा गलियों और सड़कों को प्रदूषित करता है, वही यहाँ रचनात्मक रूप लेकर समाज को प्रेरित कर रहा है। रिसाइकल्ड सामग्री से बनी संरचनाएँ यह संदेश देती हैं कि यदि इच्छाशक्ति और नवाचार हो, तो कचरा भी संसाधन बन सकता है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन की भावना को भी सुदृढ़ करती है।
पार्क में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चरखा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी आंदोलन की अमिट याद दिलाता है। यह चरखा भी वेस्ट मटीरियल से निर्मित है और रचनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। चरखा यह संदेश देता है कि स्थानीय संसाधनों और श्रम के सम्मान से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। युवाओं के लिए यह प्रतीक प्रेरणा है कि आत्मनिर्भर भारत केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन शैली है।
बागपत के प्राचीन नाम व्याघप्रस्थ की थीम पर विकसित वाटर कियोस्क पार्क को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। ये कियोस्क न केवल शीतल पेयजल उपलब्ध कराते हैं, बल्कि जनपद की ऐतिहासिक विरासत को भी आधुनिक शहरी डिज़ाइन से जोड़ते हैं। यह नवाचार बताता है कि विकास की दौड़ में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोना कितना आवश्यक है।
संविधान पार्क में स्थापित बुक पॉइंट्स ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। यहाँ बैठकर पढ़ने की सुविधा युवाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को समान रूप से आकर्षित करती है। पुस्तकें केवल जानकारी नहीं देतीं, बल्कि सोच को दिशा देती हैं—और यही इस पहल का उद्देश्य है। यह पार्क धीरे-धीरे ओपन लाइब्रेरी जैसी पहचान बनाता जा रहा है। यहां सूचना विभाग द्वारा योजनाओं की जानकारी से युक्त पुस्तकें एवं अन्य सामग्री भी उपलब्ध है।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत के लिए जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जहां जिलाधिकारी ने हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर बाल अधिकारों की मजबूती का संकल्प दोहराया।
लोकार्पण के बाद पार्क में पहुँचे नागरिकों में उत्साह देखते ही बनता था। युवाओं ने सेल्फी लीं, परिवारों ने समय बिताया और बच्चों ने खेल-खेल में संविधान और नागरिक कर्तव्यों के बारे में जाना। यह दृश्य बताता है कि जब संदेश को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, तो वह सहज रूप से लोगों के दिल तक पहुँचता है। संविधान पार्क शहरी सौंदर्यीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ हर तत्व का उद्देश्य स्पष्ट है। हरियाली, खुले स्थान, कलात्मक संरचनाएँ और जागरूकता के संदेश—ये सभी मिलकर पार्क को लोकतांत्रिक शिक्षा का जीवंत केंद्र बनाते हैं।
यह पहल अन्य नगर निकायों के लिए भी अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करती है। यह पार्क नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाते हुए एक बेहतर, जिम्मेदार और संवैधानिक समाज की दिशा में प्रेरित करता रहेगा। सीमित संसाधनों में नवाचार, रिसाइक्लिंग और जनसरोकारों को जोड़कर किया गया यह प्रयास यह सिद्ध करता है कि इच्छाशक्ति हो तो सार्वजनिक स्थानों को सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर एसडीएम बागपत भावना सिंह, अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार रस्तोगी, नगर पालिका अध्यक्ष बबीता तोमर सहित आदि उपस्थित रहे।

Related posts

नेशनल एक्स सर्विसमेन कोऑर्डिनेशन कमिटी की बिहार राज्य इकाई की बैठक आयोजित।

rktvnews

राष्ट्रपति ने नीलम संजीव रेड्डी को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।

rktvnews

उपायुक्त अबु इमरान के पहल से जिले में पहली बार गैर आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मिली स्वीकृति!जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 204 बालक व बालिकाओं ने चयन प्रशिक्षण/प्रतिभा चयन खोज में भाग लिया,चयनित खिलाड़ियों को एनआईएस कोच द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

rktvnews

डुमरांव:प्राचार्य को शुभकामनाओं का लगा तांता।

rktvnews

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सचिवालय संघ के नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।

rktvnews

भोजपुर :सेक्टर पदाधिकारियो एवं सेक्टर पुलिस पदाधिकारी को दिया गया अंतिम प्रशिक्षण।

rktvnews

Leave a Comment