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आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 अगस्त।नशा-मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय और समग्र भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए जागरूकता अभियान को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें तो नशा-मुक्त एवं सशक्त भारत का निर्माण संभव है। युवा आइकॉन शैलेश कुमार राय में बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल सरकारी अभियान न मानकर सामाजिक आंदोलन का रूप देना आवश्यक है।इन्होंने युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लें तथा अपने मित्रों, सहपाठियों और आसपास के युवाओं को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनएसएस, एनवाईकेएस, MY Bharat, युवा क्लबों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता रैली, साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, खेल प्रतियोगिता, संवाद एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया गया।नशे से दूर रखने के लिए खेल, योग, संगीत, कला, साहित्य, कौशल विकास और सामाजिक सेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
परिवार और शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि बच्चों और युवाओं से खुलकर संवाद किया जाए। अंत में युवाओं से “नशे को ना, जीवन को हाँ” का संकल्प लेने तथा नशा-मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
