पेंशन संबंधी 1087 लंबित शिकायतों का निवारण किया गया।
‘जन संवाद’ के माध्यम से मिली सफलता की कहानियाँ शिकायतों के त्वरित समाधान और पेंशनभोगियों के लिए गरिमा एवं वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
RKTV NEWS/नई दिल्ली 27 दिसंबर।रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, डाक, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय आदि के अंतर्गत आने वाले 30 विभागों/मंत्रालयों से संबंधित पेंशनभोगियों की 1087 लंबित शिकायतों के निवारण के लिए 24.12.2025 को आयोजित पेंशन अदालत में सुनवाई की गई जिनमें से 815 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया जो पेंशनभोगियों को समय पर न्याय दिलाने में इस पहल की दक्षता को दर्शाता है।
24.12.2025 को आयोजित अदालत से कई हार्दिक सफलता की कहानियां सामने आई। पेंशनभोगियों द्वारा झेली गई कठिनाइयों को समझने और पेंशन अदालत की व्यवस्था के माध्यम से उन्हें उनके लंबे समय से लंबित अधिकार प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए कुछ मामलों के अंश नीचे दिए गए हैं।
सत्यम मिश्रा
प्रयागराज निवासी सत्यम मिश्रा की शिकायत 114 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। शिकायत जुलाई 2024 से असाधारण पेंशन के रूप में पेंशन लाभ जारी न होने से संबंधित थी। उन्होंने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी चिंता व्यक्त की। बीएसएफ के अधिकारियों ने पेंशन अदालत में सूचित किया कि उचित कार्रवाई के बाद मामले का निपटारा कर दिया गया है और अनुग्रह राशि सहित 5,73,728/- रुपये की बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है। यह भी बताया गया कि उनकी असाधारण पेंशन 01.12.2025 से शुरू हो जाएगी।
दलजीत सिंह
हरियाणा के रेवाड़ी निवासी दलजीत सिंह की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। उनकी शिकायत एकराशिदान के भुगतान न होने और विकलांगता संबंधी लाभों की जांच से संबंधित थी। उन्होंने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेंशन अदालत में भाग लिया। पीपीओ में 50% यानी 12,02,656/- रुपये का एकराशिदान दर्ज था लेकिन भुगतान लंबित था। रक्षा मंत्रालय के प्रयागराज स्थित पीसीडीए (पी) विभाग ने सूचित किया कि 12,02,656/- रुपये की एकराशिदान 10.11.2025 को उनके खाते में जमा कर दिया गया है।
नसीम अख्तर
जम्मू-कश्मीर के निवासी नसीम अख्तर की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। उनकी शिकायत अगस्त 2020 से लंबित पारिवारिक पेंशन मामले के निपटारे में देरी से संबंधित थी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में भाग लिया। मामला जनगणना संचालन विभाग का था। सीपीएओ के सीसी (पी) ने सूचित किया कि आदेश 24.12.2025 को जारी किया गया है और बिना किसी और देरी के बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
कंचन बाला
हिमाचल प्रदेश के ऊना निवासी कंचन बाला की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। उनका मामला जनवरी 2021 से अविवाहित पुत्री को पारिवारिक पेंशन मिलने में हो रही देरी से संबंधित था। उनके पिता स्वर्गीय चूर सिंह बीएसएफ में कार्यरत थे। उन्होंने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में अपनी आर्थिक कठिनाइयों के बारे में बताया। बीएसएफ के अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया कि उनके मामले पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और दस दिनों के भीतर इसकी समीक्षा कर इसका समाधान कर दिया जाएगा।
मुक्ता चक्रवर्ती
असम के गुवाहाटी निवासी मुक्ता चक्रवर्ती की शिकायत 150 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। उनकी शिकायत स्वर्गीय रजत भूषण चक्रवर्ती की अविवाहित पुत्री को पारिवारिक पेंशन दिए जाने से संबंधित थी जो अक्टूबर 2020 से लंबित थी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में अपनी बात रखी थी। 12.05.2023 को दावा प्रस्तुत करने और सीपीग्राम शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, मामला अनसुलझा रहा। पीएओ-सीबीडीटी और सीपीएओ दोनों से अनुरोध किया गया है कि वे दस दिनों के भीतर मामले की समीक्षा करें और शीघ्र समाधान के लिए आगे की कार्रवाई करें।
मनिका दास
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग निवासी मनिका दास की शिकायत 229 दिनों से अधिक समय से लंबित थी। उनकी शिकायत 30.06.2017 से सितंबर 2024 तक की अवधि की पारिवारिक पेंशन के शेष 50% बकाया के भुगतान न होने से संबंधित थी। उनके पुत्र ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में भाग लिया था। सीजीडीए और पीसीडीए (पी), प्रयागराज, रक्षा मंत्रालय ने सूचित किया कि 18 लाख रुपये का बकाया जल्द से जल्द जमा कर दिया जाएगा और उनकी पेंशन 31.12.2025 से शुरू हो जाएगी।

