
RKTV NEWS/पटना(बिहार)22 दिसंबर।विलुप्त प्राय लोक कलाकृतियाँ बिहार सरस मेला में एक बार से पुनर्जीवित हो गई हैं l स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण क्षेत्र की महिला उद्यमियों ने अपने –अपने क्षेत्र की प्राचीन हस्तशिल्प को अपने हुनर से बड़े व्यवसाय में तब्दील किया है l इसकी बानगी बिहार सरस मेला में परिलक्षित है l
ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 12 दिसंबर 2025 से आयोजित है l सरस मेला में ग्रामीण महिलाओं के हुनर से निर्मित कलाकृतियाँ एवं हस्तशिल्प आगंतुकों को पुँरानी यादें ताज़ा करा रही है
l आगंतुक सरस मेला में मडुआ, जौ , बाजरा ,चावल और चना के आटा समेत कई देशी व्यंजनों को देखकर उसे खरीदे बिना नहीं रह रहे हैं l स्वाद, संवाद और हस्तशिल्प का समावेशन प्रस्तुत करता सरस मेला रास्ट्रीय स्तर प्रस्तुत है और बिहार के लिए एक बड़ा आयोजन है l यह ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा मंच बना हुआ है l बिहार सरस मेला में बिहार समेत 25 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमी शिरकत कर रही हैं l
मेला के आयोजन के दस दिन पुरे हो चुके हैं l दस दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 12 करोड़ रूपया पार कर गया है l दस दिन में आठ लाख से अधिक लोग मेला में आ चुके हैं l मेला के आयोजन के नवें दिन रविवार को 1 करोड़ 83 लाख रुपिये से अधिक का व्यवसाय हुआ है l
मेला हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के साथ ही सूचनाओं , ज्ञान-विज्ञानं, संस्कृति , शिक्षा , जागरूकता, पर्यावरण संतुलन, स्वच्छता, स्वावलंबन और मनोरंजन के साथ ही सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं आदि से लाभान्वित होने का भी केंद्र बना हुआ है l यहाँ आकर लोग कई अवसरों से रूबरू हो रहे हैं और लाभान्वित भी हो रहे हैं l
सोमवार को महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वाधान में विद्या केंद्र के कलाकारों ने बाल विवाह, दहेज़ उन्मूलन, यौन उत्पीडन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ , महिला सशक्तिकरण , महिला स्वरोजगार और साईबर सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति हुई l
सेमिनार कक्ष में भारतीय राष्ट्रीय पर्यटन एवं परिवहन सहकारी संघ मर्यादित, भारत सरकार द्वारा जीविका दीदियों को उनके उत्पादों को सामान्य बाज़ार और ऑनलाइन बिक्री हेतु प्रशिक्षित किया गया l
मुख्य सांस्कृतिक मंच पर मानव भारती इंटरनेशनल स्कुल के छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं द्वारा लोक गीतों की प्रस्तुति की गई l सरस मेला में आई महिला उद्यमियों ने अपने सफलता की कहानी और सफल होने का गुर भी दर्शकों को बताया l तत्पश्चात अरुण और उनकी टीम ने लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को झुमाया l “अरे रामा रिमझिम बरसे बदरिया”, जट –जटिन और झिझिया ने खूब झुमाया l
बौद्ध स्तूप , बुद्ध की प्रतिमा और आई लव सरस जैसे सेल्फी ज़ोन आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं l दीदी की रसोई समेत देशी व्यंजनों के स्टॉल पर मनपसंद व्यंजनों और मिठाईयों का आगंतुक जमकर लुत्फ़ उठा रहे हैं l
जीविका दीदियों द्वारा संचालित शिल्पग्राम से सिक्की कला, बम्बू आर्ट्स समेत अन्य कलाओं से निर्मित उत्पादों , कलाकृतियों एवं परिधानों तथा मधुग्राम से विभिन्न प्रकार के फ्लेवर करे मधु की खूब बिक्री हो रही है l जानकी सिलाई केंद्र के स्टॉल पर महिलाओं एवं किशोरियों के लिए सलवार सूट और नाईट सूट आदि बिक्र रहे हैं l
वृद्ध एवं दिव्यांग जन जीविका के सामाजिक विकास विधा द्वारा उपलब्ध कराई गई व्हील चेयर से मेला का परिभ्रमण एवं खरीददारी कर रहे हैं l छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों के लिए पालना घर और फन ज़ोन आकर्षण एवं मेज मस्ती के खास केंद्र बने हुए हैं l ग्राहक सेवा केंद्र पर प्रतिदिन 50 हजार रुपियेसे अधिक की जमा – निकासी हो रही है l सरस मेला में सुव्यवस्थित 5 सौ से अधिक स्टॉल पर कैशलेश खरीददारी से क्रेता और विक्रेता दोनों को फायदा हो रहा है l
