खेग्रामस ने भोजपुर जिलाधिकारी के समक्ष दिया एक दिवसीय धरना।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 दिसंबर।मनरेगा कानून की हत्या व बुल्डोजर राज के खिलाफ व वीसी रामजी योजना को वापस लेने,को ले अखिल भारतीय ग्रामीण खेत मजदूर सभा (खेग्रामस) के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आरा में भोजपुर जिलाधिकारी के समक्ष एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया!
धरना की अध्यक्षता खेग्रामस के जिलाध्यक्ष मदन चंद्रवंशी,संचालन खेग्रामस जिला कमेटी सदस्य दशई राम ने किया!
धरना के दौरान खेग्रामस व माले नेताओं कहा कि गरीबों के जॉब गारंटी को नकारने वाला ठगी का कानून VB–GRAMG (विकसित भारत-जी राम जी) कानून जोर जबरदस्ती से संसद से पास हो गया है!इसके खिलाफ चौतरफा विरोध हो रहा है! केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बना मनरेगा कानून को बदल कर एक तरह से गांधी जी को दूसरी बार उनकी हत्या कर दी!इस नये कानून में 40 प्रतिशत रुपए राज्य सरकार देगी यानी कुल मिलाकर केन्द्र सरकार धीरे-धीरे इस योजना को बंद करने की दिशा में कदम बढ़ा दी है!
आगे नेताओं ने कहा कि मनरेगा कानून दलित वंचित और ग्रामीण मजदूरों के साझे संघर्ष का प्रतिफल था कई वर्षों तक ऐसे समूहों के जरिए अभियान चलाया गया!देश के बौद्धिक समूहों और ट्रेड यूनियन की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका थी!
संसद में पेश ड्राफ्ट बिल को परिवाद समिति भेजा गया इस प्रक्रिया से गुजरते हुए सांसद ने सर्वसम्मति चीज कानून को पास किया है दुनिया में चर्चित इस कानून ने भारत के ग्रामीण गरीबों को बड़ा संवैधानिक अधिकार दिया था!कोरोना काल की त्रासदी में यह कानून गरीबों के लिए उद्धारक साबित हुआ था! लेकिन बिना किसी राष्ट्रीय विमर्श के आनन-फानन में 12 करोड़ मनरेगा मजदूरों के संवैधानिक सुरक्षा कवच को समाप्त कर दिया है! नया कानून का कानून दंतहीन है जिसे केंद्र व राज्य सरकार के बीच खर्चों में उलझा दिया गया है!मांग आधारित रोजगार गारंटी कानून को पूरी तरह से केंद्र पोषित था उसे पूरी तरह से बदल दिया गया है नया कानून दिखावा मूलक झुनझुना है सरकार ने श्रमिकों के कानून को निरस्त कर चार लेबर कोर्ट को आरोपित कर दिया है!जब मनुवादी शुद्र संहिता का ही विस्तारक है इन हमलों के बीच से करीब बिहार में दलितों वंचितों और गरीबों की बस्तियों के ऊपर बुलडोजर एक्शन जारी है,कड़ाके की ठंड के बीच गरीबों को खुले आसमान में रहने को मजबूर किया जा रहा है!
धरना में भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव,राज्य कमेटी सदस्य रमेश जी,विजय ओझा संजय जी,सुधीर सिंह,उपेन्द्र भारती,इंदू देवी,अयोध्या सिंह,जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम,कामता प्रसाद सिंह,छपित राम,अजय गांधी, कृष्ण प्रसाद गुप्ता,ददन जी,राजू राम,बालमुकुंद चौधरी,दिलीप पासवान,नंदजी राम,सुधीर यादव,अमीत कुमार बंटी,कैमुद्दीन अंसारी,गणेश कुशवाहा शामिल थे!

