तबले और हार्मोनियम की जुगलबंदी ने पारंपरिक संगीत को किया जीवंत।

युवा साधकों ने सितार वादन से किया मनमुग्ध।

शहनाई की सुरीली धुन से बिसिल्लाह खां की यादें की हुई ताजा।

श्री राम स्तुति के तीन ताल में पारंपरिक कथक प्रस्तुतियों ने बटोरी तालियां।

संगीत साधकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया सम्मानित।

संगीत को संरक्षित करने में स्व सनमत कुमार जैन ने दिया महत्वपूर्ण योगदान।

उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मंच है स्थापित: डॉ जया जैन
आरा/ भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 दिसंबर।डॉ. जया जैन शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण ट्रस्ट द्वारा स्व. सनमत कुमार जैन की स्मृति में स्थानीय जेल रोड स्थित मैना सुंदर धर्मशाला में युवा संगीत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्घाटन अभय जैन, धीरेंद्र कुमार जैन, डॉ. कमल सिंह , डॉ. जया जैन, प्रोफेसर डॉ. दिवाकर पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। अतिथियों ने स्व. सनमत कुमार जैन के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. जया जैन ने कहा कि स्व. सनमत कुमार जैन जी ने संगीत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
स्व. जैन के प्रयास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से युवा संगीत सम्मेलन का मंच स्थापित किया गया है जिसके माध्यम से शास्त्रीय संगीत की साधना करने वाले युवाओं को मंच प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर डॉ. लाल बाबू निराला ने उठान, खंड जाती का कायदा एवं चयन, रेला व बांट सुनाकर बनरास के संगीत की खुशबु बिखेरी। वही युवा शहनाई वादक मो. पंजतन ने राग मधुवंती, खमाज धुन व कजरी सुनाकर बिस्मिल्लाह ख़ां को स्मृति पटल पर जीवंत कर दिया।
वही युवा शास्त्रीय गायक वैभव देव ने राग पूरिया धनाश्री में झपताल की बंदिश “गुरु के चरण परस तब गुण आवे” तीनताल मध्य लय में निबद्ध बंदिश “सुमिरन करो मन राम नाम को” एवं भजन “जगत में झूठी देखी प्रीत” प्रस्तुत कर समां बाँधा। वही कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव, खुशी कुमारी गुप्ता व कथक नर्तक अमित कुमार ने कथक श्री राम स्तुति, तीन ताल में पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर तालियां बटोरी।
वही आदित्या श्रीवास्तव व अमित कुमार द्वारा प्रस्तुत कथानक सीता हरण के मार्मिक भाव ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। खुशी कुमारी गुप्ता के घुंघरुओं की झनकार ने दर्शकों को झंकृत कर दिया।
अनिष अनु के तबले की थाप व अजीत पांडेय के स्वरों ने सतरंगी छटा बिखेरी। मंच संचालन संस्थान सचिव आशीष कुमार जैन व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया। युवा कला साधकों को डॉ. नंद जी दुबे, डॉ. किरण कुमार, इंदु राय, जनमजय ओझा, कृष्ण यादव कृष्नेंदु, राणा प्रताप सिन्हा व अन्य ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य संगीत रसिक उपस्थित थें।

