
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)26 अगस्त। जन-जन को वित्तीय एवं बैंकिंग सुविधाओं तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने तथा संबंधित खातों में पुनः केवाईसी करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक और वित्तीय सेवाएँ विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार ने संयुक्त रूप से एक अभिनव पहल के रूप में इस वर्ष 1 जुलाई से 30 सितंबर तक देश भर के समस्त ग्राम पंचायतों में सघन वित्तीय समावेशन संतृप्तिकरण अभियान चलाया है। इसी क्रम में आज गिरिडीह के जमुआ प्रखण्ड स्थित हरला पंचायत में वित्तीय समावेशन एवं पुनः केवाईसी हेतु शिविर का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय रिज़र्व बैंक, झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह उपस्थित रहें। शिविरों के संचालन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बैंक पदाधिकारियों एवं बैंकिंग संवाददाताओं ( बीसी) से शिविर के आयोजन एवं पुनः केवाईसी संबंधी प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों से शिविर एवं बैंक शाखा व बीसी नेटवर्क के ज़रिये पुनः केवाईसी संबंधी सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने और कृषिकर्म के समय के आलोक में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यथासंभव देर शाम तक शिविरों का आयोजन करने हेतु आह्वान किया।
क्षेत्रीय निदेशक ने शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों से भी संवाद किया एवं पुनः केवाईसी संबंधी इस अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी पात्र खाताधारक इस शिविर का लाभ उठायें तथा समय पर पुनः केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करें, जब सभी बैंक वित्तीय सुविधाओं को आपके द्वार तक पहुँचाने के इस अभियान में आगे बढ़ कर भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि पुनः केवाईसी की प्रक्रिया पर भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से बैंकों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा है और इस प्रक्रिया की प्रगति का लगातार आकलन करते हुए इसे सफल बनाने के लिए दृढ़संकल्पपूर्वक प्रतिबद्ध है। साथ ही, विषय की महत्ता को देखते हुए विभिन्न बैंकों के उच्चाधिकारियों से अपेक्षित है कि वे इन शिविरों का दौरा करें ताकि सभी बैंककर्मी व बीसी इस पुनीत कार्य हेतु प्रवृत्त, प्रेरित और प्रोत्साहित हों। क्षेत्रीय निदेशक ने प्रतिभागियों से सरलीकृत केवाईसी फॉर्म का उपयोग करने और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का भी अनुरोध किया। शिविरों में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक ने यह रेखांकित किया कि वित्तीय समावेशन का आशय व लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक तक बैंकों के माध्यम से वित्तीय सेवायें पहुँचें। इस नेक जनहित उद्देश्य में प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले गये 55 करोड़ बैंक से अधिक खाते पूरी दुनिया के लिए एक अभूतपूर्व और अतुलनीय उदाहरण है, और इन खातों के ज़रिये आम जनता तक जनहित योजनाओं का लाभ ( डाइरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफर ) पहुँच रहा है । अपनी जनोन्मुखी नीतियों एवं दिशानिर्देशों से भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह सुनिश्चित किया है कि जन जन तक बैंक शाखाओं एवं बैंकिंग संवाददाताओं के माध्यम से बैंकिंग सुविधायें पहुँचें । उन्होंने वित्तीय साक्षरता व जागरूकता के ज़रिये अपने धन के बारे में समझदारी से सोचने, उसे कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और पूरी जानकारी व होशियारी के साथ अपने हित में वित्तीय निर्णय लेकर अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्ति हेतु प्रेरित करते हुए लोगों से भारतीय रिज़र्व बैंक की इन पहलों से उत्साहपूर्वक जुड़ने के लिए आग्रह किया। वित्तीय साक्षरता बचत की आदत, सही निवेश की समझ, व्यावसायिक अनुशासन तथा वित्तीय जोखिमों से बचने के बारे मे आवश्यक ज्ञान एवं सजगता भी है। साथ ही, यह वित्तीय एवं साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए आवश्यक बुनियादी जानकारी व सजगता भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित वाणिज्यिक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल लेन-देन, आरबीआई ओम्बड्समैन योजना तथा जनता के व्यापक वित्तीय हित से जुड़ी अन्य अनेक योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, स्टैंड-अप इंडिया आदि) पर जानकारी प्रदान की गयी।
शिविरों के सफल आयोजन एवं अधिकाधिक ग्राहकों तक पहुँच को ध्यान में रखते हुए पुनः केवाईसी संबंधित शिविर के आयोजन के बारे में व्यापक रूप से प्रचार किया गया । अभियान के उद्देश्य के बारे में ध्वनि विस्तारकों से गली गली उद्घोषणा के साथ साथ समाचार पत्रों के माध्यम से भी पूर्व सूचना व जानकारी प्रदान की गयी।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक समेत अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त गिरिडीह में उपस्थित कई बैंकों के शाखा प्रमुख तथा कुल 35 बैंकिंग प्रतिनिधि, सीएफ़एल सदस्य, अमल, प्रखंड विकास पदाधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को जनसुरक्षा बीमा एवं योजनाओं, खातों में नामित दर्ज़ कराने ( नाॅमिनेशन ), तथा निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने संबंधी जानकारी भी दी गयी और प्रधान मंत्री जन धन योजना के तहत नये बैंक खाते भी खोले गये। साथ ही, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिभागियों के नामांकन किये गये और बैंक अधिकारियों द्वारा ग्राहक सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान भी किया गया । कार्यक्रम के दौरान वित्तीय साक्षरता एवं भारतीय रिज़र्व बैंक के जनोपयोगी दिशानिर्देशों संबंधित पोस्टर भी प्रदर्शित किये गये तथा प्रतिभागियों के बीच जागरूकता पत्रक वितरित किये गये। उक्त शिविर में शाम 03 बजे तक 3000 से अधिक खातों का पुनः केवाईसी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया एवं 526 ग्राहकों ने बीमा योजनाओं में अपना नाम दर्ज़ कराया।

सभी के लिए बैंकिंग, वित्तीय सुविधाओं का द्वार : क्षेत्रीय निदेशक
क्षेत्रीय निदेशक ने प्रतिभागियों को बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक विश्व के अन्य केंद्रीय बैंकों से इस मायने में विशिष्ट है कि यह मौद्रिक प्रबंधन, मुद्रास्फीति नियंत्रण, सुदृढ़ अर्थव्यवस्था एवं विकास हेतु आवश्यक ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने, बैंकों व सरकार के बैंकर का कार्य, विदेशी मुद्रा निधि प्रबंधन आदि बुनियादी केंद्रीय बैंकिंग कार्यों के साथ साथ देश और व्यापक जनहित में अनेक विकासात्मक दायित्व भी निरंतर निभाता रहता है। वित्तीय शिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा जन जागरण इन विकासात्मक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक पूरे वर्ष नियमित रूप से करते रहता है। बुनियादी बैंकिंग सुविधा को सभी तक पहुंचाने के प्रयास में बैंकिंग संवाददाता (बीसी) की भी अहम भूमिका रहती है जिसके माध्यम से बैंकिंग सुविधाओं को हम सुदूर इलाकों तक भी पहुँचा पा रहे हैं। इन प्रयासों से अधिक से अधिक संख्या में लोग बैंकिंग से जुड़ रहे हैं तथा विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना इत्यादि का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि प्रदेश में 49004 बैंकिंग संवाददाता (बीसी) कार्यरत हैं जिनसे प्रतिभागी बैंकिंग सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बैंकिंग संवाददाताओं को भी तत्परता से अधिकाधिक ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने एवं पुनः केवाईसी प्रक्रिया में अहम भागीदारी कर इसे शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया। उन्होने यह भी बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये पुनः केवाईसी प्रक्रिया हेतु सरलीकृत केवाईसी फॉर्म भी उपलब्ध कराया है जिसका उपयोग पात्र प्रतिभागियों द्वारा किया जा सकता है।
