कलेक्टर की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)19 दिसम्बर।जनजातीय कार्य विभाग इंदौर द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की चतुर्थ त्रैमास की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिला लोक अभियोजन विभाग की जानकारी संज्ञान में लेते हुए पीडितों द्वारा अपराधियों संग राजीनामा किये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की गई है। कलेक्टर द्वारा निर्देश दिये गये कि पीडितों को किसी भी प्रकार का राजीनामा हेतु प्रलोभन या डराया धमकाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को की जाये। अजाक थाना नगरीय एवं ग्रामीण में जाति प्रमाण पत्रों के अभाव में लंबित प्रकरणों पर तत्काल थाना क्षेत्रों के एसडीएम से संपर्क कर पीडितों के जाति प्रमाण पत्र बनवाये जाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गये। साथ ही जनजातीय कार्य विभाग, जिला इंदौर को निर्देश दिये गये कि, कोई भी पीडित को योजना का लाभ दिये जाने से वंचित नहीं किया जाये।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य इंदौर नरेन्द्रसिंह भिडे ने बताया कि 01 जनवरी 2025 से आज दिनांक तक की स्थिति में अनुसूचित जाति वर्ग के 150 पीडितों को 1 करोड़ 84 लाख 87 हजार 500 रूपये एवं जनजाति वर्ग में 116 पीडितों को 1 करोड़ 26 लाख रूपये का भुगतान किया गया। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस विभाग एवं लोक अभियोजन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के अशा. सदस्य प्रिंसपाल टोंग्या, पप्पू बैरवा,रमाकांत गुप्ता एवं शाखा प्रभारी संजय अठवाल, संजय वर्मा एवं पुष्पेन्द्र सिंह बैस उपस्थित थे। बैठक के अंत में मॉनिटरिंग समिति के अशा. सदस्यों द्वारा कलेक्टर शिवम वर्मा का पुष्प गुच्छ एवं गुलदस्ते से अभिवादन किया गया।

