
RKTV NEWS/गया(बिहार )18 दिसंबर।बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड), गया द्वारा आयोजित दो दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला “मंथन 2025” का आज बिपार्ड परिसर, गया में सफल समापन हुआ। इस कार्यशाला में राज्य भर से आए प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ-साथ बिहार सरकार के वरीय पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
समापन के अवसर पर प्रत्यय अमृत, मुख्य सचिव, बिहार, डॉ. बी. राजेंदर, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार-सह-महानिदेशक, बिपार्ड एवं पंकज कुमार पाल, प्रधान सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
लोक-निजी सहभागिता एवं अवसंरचना विकास विषयक सत्र में शैलेश पाठक, वरीय सलाहकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की। उन्होंने पीपीपी परियोजनाओं की संरचना, जोखिम साझेदारी एवं अवसंरचना विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी पर अपने विचार साझा किए। इसके उपरांत अंशुल कुमार, जिला पदाधिकारी, पूर्णिया ने जिला स्तर से पीपीपी मॉडल के क्रियान्वयन से संबंधित व्यावहारिक अनुभव एवं चुनौतियाँ प्रस्तुत कीं।
सी. के. अनिल, प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए ‘भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत जिला पदाधिकारी (कलेक्टर) की प्रमुख भूमिकाओं एवं दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य सचिव, बिहार ने राज्य के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से सभी पदाधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया तथा यह आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग हेतु वे सदैव उपलब्ध रहेंगे।
कार्यशाला का समापन उपमुख्यमंत्री, बिहार, सम्राट चौधरी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए समापन संबोधन के साथ हुआ। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने फील्ड प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए प्रशासनिक समन्वय अपनाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर डॉ सफीना ए. एन., अपर महानिदेशक, बिपार्ड, गया ने मुख्य सचिव, बिहार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बिपार्ड को इस प्रकार के उच्चस्तरीय कार्यशाला के आयोजन का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने गया जिला प्रशासन तथा बिपार्ड के अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के प्रति भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनके उत्कृष्ट समन्वय एवं अथक प्रयासों से मंथन-2025 का सफल आयोजन संभव हो सका।
बिपार्ड के महानिदेशक ने कहा कि कार्यशाला के दौरान उभरे विचारों एवं अनुशंसाओं को संकलित कर बिहार सरकार को आगे की नीति निर्माण प्रक्रिया हेतु उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने राज्य प्रशासन के लिए प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बिपार्ड की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
कार्यशाला के समापन दिवस की प्रातः बेला में सभी प्रतिभागियों ने ब्रह्मयोनि पहाड़ी का भ्रमण किया तथा ब्रह्मयोनि पहाड़ी की तलहटी में वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। यह गतिविधि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं हरित पहल के प्रति राज्य प्रशासन की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।
कार्यशाला का समापन सुशासन को सुदृढ़ करने, सतत एवं नवाचारी विकास मॉडल अपनाने तथा समावेशी, पारदर्शी एवं जन-केंद्रित विकास की दिशा में आगे बढ़ने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
