आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 13 जून। कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन US, दिशा एक प्रयास के सहयोग व निर्देशन में जून मन्थ के एक्शन प्लान में चल रहे अभियान के तेरहवें दिन आरा सदर के बखरिया गांव स्थित स्थानीय ग्रामीण लोगो के साथ ग्राम सभा आयोजित की गई सभा मे लोगो को सम्बोधित करते हुए उन्हें बाल विवाह बाल श्रम एवम बाल यौन शोषण से होने वाले कुप्रभाव व उसके दुष्परिणाम से लोगो को अवगत कराया गया दिशा एक प्रयास के आधिकारिक सदस्यो ने बताया की बाल्यवस्था बहुत ही सुगम और नाजुक होती है 2 से 6 वर्ष तक के बच्चे इस अवस्था मे त्वरित व स्पस्ट तरीके से किसी भी चीजो को सिख लेते है जैसे बोलना, पुकारना, पहचान करना, इसके बाद कि अवस्था मे उन्हें जो सिखया जाता है वह अपने स्वयं की मनन से सीखता और करता है इस अवस्था मे घर के सदस्यों को जरूर ध्यान रखना चाहिए। इसी अवस्था मे बच्चे भटक जाते है और बाल यौन शोषण बाल श्रम के शिकार हो जाते है शिक्षा अर्जित करने की अवस्था मे पैसा अर्जित करने की चेस्टा बढ़ जाती है जिससे गैर कार्य मे संलिप्त हो जाते है। बाल विवाह प्रतिबंध लगे इस पर भी चर्चा की गई एवम उसके दंड परिणाम से अवगत कराया गया ।
कार्यक्रम में ग्रामीण समाजिक कार्यकर्ता नीतू जी ,दिशा एक प्रयास के सहायक सुधांशु मिश्रा सुपरवाइजर प्रवीण तिवारी एव स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

