राजस्थान बन रहा है निवेश स्थान, उद्योग स्थापना के सभी प्रमुख आयामों में राजस्थान की अग्रणी स्थिति – केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
प्रवासी राजस्थानियों की हर समस्या का समाधान राज्य सरकार की जिम्मेदारी, प्रवासी भाई-बहन भामाशाह के रूप में विकास में सहयोग के लिए आएं आगे :मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
एनआरआर पॉलिसी-2025 तथा राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल का भी शुभारंभ – प्रवासी राजस्थानियों से प्रदेश के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने का किया आह्वान।
RKTV NEWS/जयपुर(राजस्थान)10 दिसंबर। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि उद्योग स्थापना के लिए भूमि, ऊर्जा, जल, रॉ मेटेरियल तथा शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण पांच अनिवार्य आधार स्तंभ हैं और सभी आयामों पर मजबूत स्थिति राजस्थान को निवेश स्थान के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि किफायती एवं पर्याप्त भूमि उपलब्धता, अक्षय ऊर्जा उत्पादन में राष्ट्रीय नेतृत्व, जलापूर्ति संरचना के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षित वातावरण तथा मजबूत सड़क एवं परिवहन तंत्र के कारण राजस्थान निकट भविष्य में देश का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनकर उभर रहा है।
गजेन्द्र सिंह बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर आगामी एक वर्ष में राजस्थान चैप्टर्स द्वारा प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान की संभावनाओं के संबंध में आयोजित सेक्टोरल सेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान किफायती भूमि उपलब्धता के मामले में अन्य राज्यों की तुलना में निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल स्थिति प्रस्तुत करता है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य लगातार प्रगति कर रहा है और अक्षय व पवन ऊर्जा में देश में पहले स्थान पर है। इससे उद्योगों को पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
राज्य में भविष्य में जल संकट की संभावना नगण्य
उन्होंने कहा कि पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता जैसी परियोजनाओं को धरातल पर लाने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से राजस्थान में भविष्य में जल संकट की संभावना नहीं रहेगी। उन्होंने राज्य की शांतिपूर्ण सामाजिक संरचना, मजबूत कानून-व्यवस्था, उत्कृष्ट सड़क नेटवर्क तथा निरंतर विस्तृत हो रहे औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदेश की प्रमुख ताकत बताते हुए कहा कि ये सभी मिलकर निवेशकों को सुरक्षित, स्थाई और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करते हैं। श्री शेखावत ने विकसित राजस्थान 2047 के विजन में देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों से प्रदेश के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, लोकपर्व, हस्तशिल्प, धार्मिक आयोजन और ऐतिहासिक धरोहरों में निवेश एवं नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और लोकपर्वों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने में भारत के दूत की भूमिका निभाई है। उन्होंने दीपावली पर्व को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक पहचान के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस हमारी साझी विरासत का उत्सव होने के साथ-साथ विचारों के आदान-प्रदान एवं अनुभव साझा करने तथा राजस्थान के भविष्य को और मजबूत बनाने के लिए संवाद का एक खुला मंच है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रवासी राजस्थानियों की हर समस्या का समाधान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
श्री शर्मा ने कहा कि हमने प्रवासी समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग’ का गठन किया है। सभी जिलों में प्रवासियों के सहयोग के लिए अधिकारियों को नोडल बनाया गया है। साथ ही, राज्य सरकार ने एनआरआर के लिए एक डैशबोर्ड का निर्माण किया है। जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के गैप एरियाज को चिन्हित किया गया है ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सके। उन्होंने आह्वान किया कि प्रवासी भाई-बहन सभी क्षेत्रों में भामाशाह के रूप में सहयोग के लिए आगे आए। इस कार्य में भी राज्य सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी।
श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने पिछले वर्ष राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन किया। इस समिट के दौरान प्रवासी राजस्थानियों की भावना को सम्मान देते हुए हमारी सरकार ने हर साल 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया था।
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास भी-विरासत भी के संकल्प को साथ लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की हवेलियां हमारी धरोहर हैं। हमारी सरकार ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण दिशा में अनेक हवेलियां चिन्हित की हैं। इसी तरह प्रदेश के सभी अंचलों में आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हमारी सरकार सभी धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों के सहयोग से आने वाले समय में विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार के दो वर्षों में राजस्थान ने ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस के क्षेत्र में प्रभावी सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सर्विस डिलीवरी, पारदर्शी प्रशासन और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से राज्य निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तेज एवं सरल बनाया गया है और सरकार प्रवासी राजस्थानियों को विकास का भागीदार मानते हुए उनके साथ मिलकर विकसित राजस्थान के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है।
विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निवेशकों एवं प्रवासी राजस्थानियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीतियों में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं तथा नई नीतियां लागू की जा रही हैं जिससे राज्य में उद्योग एवं निवेश के लिए सक्षम वातावरण तैयार हुआ है।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि राज्य सरकार राज्य की हवाई पट्टियों के विकास एवं विस्तार पर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नई फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूलों की स्थापना की जा रही है, जिससे युवाओं को उड्डयन क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे तथा राजस्थान इस क्षेत्र में आधुनिक और तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।
एनआरआर पॉलिसी-2025 तथा राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल का भी शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के लिए विशेष एनआरआर पॉलिसी-2025 तथा राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों में बसे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य के विकास कार्यों से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध हो सकेगा।
इस दौरान सेशन में डोमेस्टिक एवं इंटरनेशनल चैप्टर की पैनल चर्चा में 11-11 पैनलिस्ट ने भाग लिया। डोमेस्टिक में रांची चैप्टर के अजय मारू, मुंबई के गणपत कोठारी, अहमदाबाद के महेंद्र लोढ़ा, पुणे के मंगलचंद चौधरी, हैदराबाद के पवन बंसल, दिल्ली के रामावतार किला, गुवाहाटी के रतन शर्मा, बेंगलुरु से सचिन पांडिया, कोलकाता से संतोष कुमार पुरोहित, कोयंबटूर के संतोष पटवारी, सूरत चैप्टर के श्याम राठी ने हिस्सा लिया।
इसी प्रकार इंटरनेशनल चैप्टर के पैनलिस्ट में दोहा चैप्टर के अभिषेक जैन, लन्दन के अजय कुमार अग्रवाल, दुबई के अमराराम जांगिड़, सिंगापुर के दाऊ दयाल गुप्ता, म्यूनिख से हरगोविंद सिंह राणा, कंपाला के मनीष कल्ला, नेपाल के मोती डूंगर, न्यूयॉर्क के पूर्णिमा बोरिया, नैरोबी के सोनवीर सिंह, टोक्यो के त्रिभुवन खंडेलवाल, रियाद चैप्टर के विजय सोनी ने उपस्थित होकर हिस्सा लिया।
सभी पैनलिस्ट ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने अपने मजबूत संकल्प और इच्छा शक्ति से राजस्थान में निवेश अनुकूल वातावरण का निर्माण किया है। इसे देख कर राजस्थान के विकास में कदम से कदम मिलकर हर संभव सहयोग करने की हमारी इच्छा विकसित हुई है। उन्होंने राज्य की शिक्षा, ऊर्जा, वाटर स्ट्रक्चर के पुनरुद्धार, माइन्स एवं मिनरल्स, पर्यटन, खेल, मेडिकल व धार्मिक टूरिज्म आदि के विकास के लिए अपने सुझाव दिए तथा अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग एवं वाणिज्य शिखर अग्रवाल सहित प्रवासी राजस्थानी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

