
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 नवंबर।श्री सीताराम विवाह महोत्सव स्थान,रमना मैदान आरा, राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति द्वारा 15 वा वर्ष क़े पंचम दिवस प्रातः वेला पर श्री ज्योति पाठक, अनीश मिश्रा वैदिक मन्त्रोंचार से विधिवत पुजन कराई ।पूजनोपरांत श्री रामचरित्र मानस पाठकर्ता श्री शशि भूषण जी महाराज ने पाठ क़े माध्यम से कहा जब भरत जी प्रभु से मिलने चित्रकूट जा रहे थे तो देवताओ क़े राजा इन्द्र ने गुरु वृहस्पति से कहा गुरुदेव भरत जी क़े सनेह मे यदि श्रीराम अयोध्या लौट गए तो हम सभी देवता कि कार्य सिद्ध नहीं होंगी सो श्रीराम और श्रीभरत जी क़े बीच माया डाला जा ताकि दोनों मे मुलाक़ात नहीं हो, तब वृहस्पति ने कहा आप हजार आँख होने क़े वावजूद अंधे है । संसार राम राम जपता है और राम भरत भरत जपते है और “माया पति संग माया करहि, राम रोस पावक माहि जरहि”।जो भक्तो को कष्ट देता उसे ईस्वर भारी कष्ट देता है, वही दोपहर 02.30 बजे श्रीधाम वृन्दावन धाम से पधारे श्री प्रेममूर्ति प्रदीप जी महाराज ने श्रीमद भागवत कथा मे भीष्माचार्य कि जीवन प्रकाश डालते हुवे विवेचना की जब कुन्ती और गंधारी मिलने पहुंची तो शिस्टाचार्य करते हुवे पास बुलाया और सोच मे दुवे हुवे तब कुन्ती गंधारी एक स्वर कहाँ तात श्री कुछ बोलिए तो उन्होंने कहा जो मै देखता हु वह तुम देखो, जो मै सोचता हु तुम सोचो, तो गंधारी से कहा – हस्तिनापुर सुरक्षित है तो हम सुरक्षित है इसीलिए आज राष्ट्र की चिंता जो करता उन्हें पूजनीय होते है वह राष्ट्रीय संत होता है, जीवन सिर्फ अपने को भोग विलासिता मे विताना ही सिर्फ जीवन है भागवत कथा की पूजनआरती सदस्यो ने जिसमे लीला सिंह, लालती सिंह, प्रतिमा मधुकर, रंजू देवी, माधुरी चौरसिया, गीता देवी, राधा शर्मा, सुशीला देवी, गोलू देवी, सुनीता देवी, विमला देवी, उर्मिला सिंह,चुनमुन सिंह, रविशंकार तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, नवल प्रसाद, रंजन सिंह ,राधिका देवी, मीरा गुप्ता आदि!
