गढवा /झारखंड16 अक्टूबर ।जिला आरके रामासाहू मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय गढ़वा के सभागार में राजव्यापी बाल विवाह से आजादी अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में 6 से 11 वीं तक के विद्यालय के बच्चों के बीच स्लोगन लेखन, निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 50 से अधिक की संख्या में बच्चों ने भाग लिया। स्लोगन लेखन में प्रथम स्थान यासमीन परवीन, द्वितीय स्थान शिवांगी कुमारी एवं तृतीय स्थान मीनू कुमारी ने प्राप्त किया। निबंध लेखन में प्रथम स्थान पवन कुमार, द्वितीय स्थान रजिया अफरोज एवं तृतीय स्थान रंजन कुमार मेहता ने प्राप्त किया। भाषण में प्रथम स्थान मुराद अंसारी, द्वितीय स्थान मोनू कुमार एवं तृतीय स्थान हुसैन अदीबा ने प्राप्त किया। चित्रांकन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अभिषेक कुमार, द्वितीय स्थान चंदन तिर्की एवं तृतीय स्थान शुभम कुमार ने प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को उप विकास आयुक्त द्वारा मंच पर आमंत्रित कर पुरस्कृत किया गया।
मौके पर उप विकास आयुक्त द्वारा बाल विवाह के रोकथाम को लेकर कई प्रमुख बातें कही गई। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए इस अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी को गलत बताते हुए इसके रोकथाम को लेकर प्रमुख बातें कही। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से भी अपील किया कि वह अपने बच्चों का विवाह कम उम्र में ना करें उन्हें पढ़ने लिखने एवं सही उम्र पर ही उनकी शादी करें। यह उम्र उनके पढ़ने लिखने एवं कुछ मुकाम हासिल करने की है। ऐसे उम्र में शादी का बोझ देखकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करें। बाल विवाह से बाल अधिकारों का हनन होता है, इसका बुरा असर शिक्षा प्राप्ति एवं भविष्य पर पड़ता है। इस उम्र में लड़का लड़की शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व नहीं होते हैं लड़की मां बनने के लिए सक्षम नहीं होती है, इससे बच्चा कुपोषित पैदा हो सकता है। यदि 18 वर्ष से अधिक वर्ष का पुरुष 18 वर्ष से कम युवती से बाल विवाह करेगा तो वह दोषी होगा। मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पूर्णिया कुमारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश कुमार निशांत, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति प्रणव कुमार द्वारा भी बाल विवाह को लेकर कई प्रमुख बातें कहीं गई। सभी ने इसे रोकने को लेकर अभिभावकों से अपील किया। वही आमजनों से अनुरोध किया गया कि बाल विवाह को रोकने को लेकर इसकी जानकारी वह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी या प्रखंड विकास पदाधिकारी या थाना या मुखिया या जनप्रतिनिधि के माध्यम से कर सकते हैं। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी सूचित किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दंडनीय संज्ञेय अजमानतीय अपराध है। यदि 18 वर्ष से अधिक उम्र का पुरुष 18 वर्ष से कम उम्र की युवती से विवाह करता है या कोई भी व्यक्ति या संगठन बाल विवाह के अनुष्ठान का संपन्न करेगा या संचालित करेगा या निर्दिष्ट करेगा या दुष्प्रेरित करेगा तो उन्हें 2 वर्ष का कारावास अथवा ₹1 लाख या दोनों से दंडनीय होगा। वहीं कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों को उप विकास आयुक्त द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ग्रहण भी कराया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी गढ़वा अशोक नायक द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पूर्णिमा कुमारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश कुमार निशांत, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति प्रणव कुमार, सदस्य बाल कल्याण समिति मुकेश कुमार सिंह, राजीव रंजन तिवारी, मनोज कुमार दुबे, संरक्षण अधिकारी संस्थागत देखरेख जिला बाल संरक्षण निकाय संजय ठाकुर, विधि-सह-परिवीक्षा पदाधिकारी जिला बाल संरक्षण ईकाई जितेंद्र कुमार, जिला समन्वयक यूनिसेफ शुभम कुमार, विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सुशील कुमार समेत काफी संख्या में स्कूली बच्चे एवं शिक्षक उपस्थित थे।
