
नर्सरी में व्यवसाय की अपार संभावनाएं : वैज्ञानिक डा शोभा रानी
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 नवंबर।कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर द्वारा आर्या योजना के अंतर्गत पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 – 28 नवंबर तक चलेगा। इस प्रशिक्षण में 25 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं।कृषि विज्ञान केंद्र की प्रधान एवं वरीय वैज्ञानिक डॉ शोभा रानी ने बताया कि नर्सरी का उद्यम वर्तमान समय में एक नवीन व्यवसाय के रूप में उभर रहा है तथा इसमें अपार संभावनाएं हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों में नर्सरी उद्यमिता का विकास करना है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. विकाश सिंह ने बताया कि परंपरागत विधि से नर्सरी तैयार करने में अधिक भूमि, श्रम, लागत और समय की आवश्यकता होती है। साथ ही खुले वातावरण में नर्सरी उगाने पर पौधों में रोग और कीटों से अधिक नुकसान होता है तथा अंकुरण भी बहुत कम होता है। इन समस्याओं का समाधान प्रो ट्रे नर्सरी तकनीक है, जिससे कम जगह, कम समय और कम लागत में गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जा सकती है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि प्रो ट्रे विधि में कोकोपीट, वर्मीकुलाइट और परलाइट का मिश्रण माध्यम के रूप में प्रयोग होता है, जो पौध की जड़ों को पर्याप्त नमी और वातन प्रदान करता है। इससे पौध एक समान और मजबूत निकलती है तथा खेत में रोपाई के बाद जीवित रहने की क्षमता 90 प्रतिशत से अधिक रहती है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रो ट्रे भरने, बीज उपचार, सही गहराई पर बुआई करने और पौध की देखभाल का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर किसानों ने मिर्च, बैगन और टमाटर के बीज की बुवाई भी की और व्यावहारिक ढंग से सीखा कि किस प्रकार कम लागत में गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जा सकती है।
किसानों ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तकनीक से वे समय पर सब्जियों की रोपाई कर सकेंगे और लागत भी कम होगी। समापन अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा कि कृषि के बदलते परिवेश में अब उच्च गुणवत्ता के पौध की भारी मांग है अतः किसान आधुनिक नर्सरी उत्पादन तकनीक से न केवल अपनी फसल उत्पादन में सुधार कर सकते हैं बल्कि पौध उत्पादन को उद्यम के रूप में अपनाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
