
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)22 नवंबर।उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, देवघर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु लगे शिविर में फाइलेरिया से ग्रसीत व्यक्तियों का भी चिकित्सीय परीक्षण किया गया।
इसके अलावा सिविल सर्जन डॉ. जुगल किशोर चौधरी के निदेर्शानुसार आयोजित इस दिव्यांगता शिविर में विभिन्न प्रखंडों से प्रेरित कर लाए गए नये और पुराने मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कर उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र हेतु आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई। जिसमें गठित मेडिकल बोर्ड के समक्ष जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार यादव के नेतृत्व में पिरामल फाउंडेशन की सक्रिय भूमिका से कुल 26 फाइलेरिया रोगियों के आवेदन जमा कराए गए। इनमें देवघर शहरी क्षेत्र के अलावा अलग-अलग सीएचसी – सारठ, करौं, पालाजोरी, मधुपुर, जसीडीह और मोहनपुर से मरीज शामिल हुए। चिकित्सक दल में सदर अस्पताल, देवघर के डॉ. रविजीत प्रकाश एवं अन्य डॉक्टर्स के दलों ने मरीजों की गहन जांच की और आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए। इन सभी का 5 से 10 दिसंबर 2025 तक प्रमाण पत्र तैयार कर निर्गत कर दिया जाएगा।
इस अभियान में जिला भीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव के अनुश्रवण में सभी सीएचसी अंतर्गत एमटीएस, एसआई, एसडब्ल्यू, एमपीडब्ल्यू, सहिया दीदी और पिरामल टीम ने गाँव-गाँव जाकर मरीजों को प्रेरित कर शिविर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। पिरामल फाउंडेशन की पीओसीडी रीता सिंह और पिंटू तिवारी ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र लिए फाइलेरिया पीड़ितों के अलावे अन्य रुप से विकलांग यथा – मुँह, कान, मस्तिष्क एवं और भी कई तरह के दिव्यांग को प्रमाण पत्र बनवाने में विशेष पहल करते हुए आवश्यक सहयोग किया।
इस दौरान पहले से चयनित फाइलेरिया मरीजों, जिनका पूर्व में चिकित्सीय परीक्षण हो चुका था, उनको दिव्यांग प्रमाण पत्र जिला भीबीडी सलाहकार डॉ. गणेश कुमार यादव के सहयोग से उपलब्ध करवा दिए गए।
सिविल सर्जन डॉ. जे.के. चौधरी, जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव, सदर अस्पताल के चिकित्सक दल, जिला भीबीडी सलाहकार डॉ. गणेश कुमार यादव के साथ सीएचओ, प्रखंड मलेरिया पर्यवेक्षक दल, एसआई, एसडब्ल्यू, एमपीडब्ल्यू , एएनएम, सहिया और पिरामल टीम तथा सिविल सर्जन कार्यालय के अन्य कर्मियों आदि के सामूहिक प्रयास ने शिविर को सफल बनाया।
