
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 नवंबर।जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पिरौटा भोजपुर में दो दिवसीय क्रियात्मक अनुसंधान कार्यशाला आयोजन हुआ । जिसमें क्रियात्मक अनुसंधान के माध्यम से छात्र-अध्यापकों का सशक्तिकरण था। इस कार्यशाला का शुभारभ संस्थान के प्राचार्य डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. मोहिनी गिरि व्याख्याता डायट वैशाली दिग्घी, संजय कुमार साहू राज्य समन्वयक एच पी पी आई एवं संस्थान के सभी व्याख्याताओं के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से किया गया। दो दिवसीय क्रियात्मक अनुसंधान कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सहभागी और सहयोगात्मक तरीके से वास्तविक विद्यालय की वास्तविक समस्याओं की पहचान करना, उनका समाधान करना और अभ्यास में सुधार लाना है। इस प्रकार की कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रशिक्षुओं ने समस्या-समाधान के लिए मिलकर काम किया | जिसके परिणामस्वरूप उनके ज्ञान का निर्माण हुआ | आज सत्र के समापन पर संस्थान की प्राचार्य डॉ. सरिता शर्मा ने कहा कि क्रियात्मक अनुसंधान व्यावहारिक समस्याओं के समाधान, शैक्षिक और सामाजिक प्रथाओं में सुधार, और शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए है। यह शिक्षकों को अपनी कक्षा की गतिशीलता का विश्लेषण करने और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है, जिससे शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में सुधार होता है। साधनसेवी डॉ. मोहिनी गिरि व्याख्याता डायट वैशाली दिग्घी ने संस्थान के प्रशिक्षुओं को क्रियात्मक अनुसंधान को समझाते हुए इसके विविध चरण(Step) एवं इसके उपयोग के बारे में बताया। संजय कुमार साहू ने प्रशिक्षुओं के साथ प्रयोगात्मक गतिविधियोँ का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने समूह कार्य में विभिन्न समस्या के निर्माण एवं क्रियात्मक अनुसंधान के स्टेप्स पर कार्य प्रशिक्षुओं द्वारा कार्य किया गया | संस्थान के व्याख्याता डॉ. अरविंद कुमार कहा कि क्रियात्मक अनुसंधान के मुख्य उपयोग में कक्षा में अध्ययन अध्यापन को बेहतर बनाना, छात्रों के लिए स्कूल की सुविधाओं में सुधार करना और समुदाय-आधारित समस्याओं को हल करना शामिल है। इस कार्यशाला में संस्थान के व्याख्याता डॉ. विरेंद्र कुमार सिंह,सुनील शर्मा, सुनील कुमार, स्मिता कुमारी, सुश्री रेखा कुमारी,राधा कुमारी, डॉ. निधि प्रिया,ज्योति किरण प्रशिक्षण के एडमिन कसलटेन्ट विकास नैन एवं दिव्या कुमारी सम्मिलित हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन ह्युमाना पीपल टू पीपल इण्डिया के डायट समन्वयक विनीत कुमार सिंह एवं डिजिटल नेट समन्वयक डॉ.हर्षवर्धन ने किया।
