
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)15 नवंबर। भाकपा ( माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने विधानसभा चुनावों में आए परिणामों पर एक वक्तव्य जारी करते हुए लिखा है की बिहार विधानसभा चुनावों का परिणाम कतई स्वाभाविक नहीं है. इस पर हर तरफ एसआईआर के धब्बे हैं. अप्रत्याशित रूप से 30 हजार करोड़ रुपए जैसी भारी भरकम धनराशि को 3 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचाए जाने को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, जिसने चुनावी नैतिकता और आदर्श आचार संहिता की सभी धारणाओं को तार- तार कर दिया.
ऐसे समय में जब नितिश कुमार सरकार विश्वसनीयता के निम्नतम स्तर पर है और मोदी सरकार ने भी साल भर पहले ही समर्थन का बड़ा हिस्सा गंवा दीिया था, 2010 के चुनाव परिणाम का 15 साल बाद ऐसे दोहराना, विश्वसनीयता से परे है. हम इस परिणाम का गहन विश्लेषण करेंगे और जरूरी सबक लेंगे.
उन्होंने अपने वक्तव्यों में लिखा है की भाकपा (माले) ने इन चुनावों में दो सीटें- पालीगंज और काराकाट जीती हैं और अगिआंव बेहद नजदीकी मुकाबले में हम बेहद मामूली अंतर से महज 95 वोट से हार गए. तीन अन्य सीटों- बलरामपुर, डुमरांव और ज़ीरादेई में हार का अंतर 3000 से कम है. पार्टी का वोट लगभग तीन प्रतिशत के करीब है.
हमारी पार्टी और इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टियों को वोट देने के लिए हम बिहार की जनता का आभार प्रकट करते हैं और जनता की सेवा व उनके अधिकारों की सुरक्षा तथा भारत में लोकतंत्र की संवैधानिक बुनियाद की रक्षा, नई ऊर्जा और दृढ़ता के साथ करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.
