
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)15 नवंबर।आईआईसीएम रांची के 32वाॅ स्थापना दिवस समारोह संस्थान परिसर में आयोजित किया गया। कोल इंडिया के निदेशक (मानव संसाधन) विनय रंजन ने कहा कि कोल इंडिया को आय के दूसरे श्रोत की भी तलाश करनी चाहिए, क्योंकि कंपनी पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है। इससे पहले कंपनी को 2029-30 तक 1000 मिलियन टन कोयला उत्पादन करना है। इसके लिए सक्षम और कुशल प्रबंधक की जरूरत होगी। नये अधिकारियों को इमेजिंग बिजनेस के लिए तैयार रहना होगा। श्री रंजन ने कहा कि अच्छे लीडर का 70 फीसदी काम मैन मैनेजमेंट में जाता है। 30 फीसदी काम ही उत्पादन में लगता है। अच्छे लीडर का रास्ता भी कठिन होता है। पद्मश्री डॉ भीम सिंह भवेश ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह समाज सेवा के प्रति भी संवेदनशील रहे। उन्होंने कहा कि मुसहर जाति की बिहार में करीब 40 लाख से अधिक आबादी है लेकिन वे हाशिए पर हैं। 98 फीसदी परिवारों के पास आज भी शौचालय नहीं है। 80 फीसदी बच्चे स्कूल से ड्राप आउट के शिकार हैं। इनके बीच काम करने के दौरान नहीं सोचा था कि देश का सबसे बड़ा सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य के परिणाम की कल्पना किये बिना समर्पण के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए। कोल इंडिया के सीवीओ ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह संस्थान बहुत अच्छा काम कर रहा है। यहां से टॉप लीडर तैयार हो रहे हैं। इसके पूर्व स्वागत संस्थान की कार्यकारी निदेशक कमाक्षी रमण ने किया। उन्होंने संस्थान के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कोयला के अतिरिक्त अन्य संस्थानों के अधिकारियों को भी यहां प्रशिक्षण मिलता है। मौके पर सीसीएल के सीएमडी नीलेन्दु कुमार सिंह, इसीएल के सीएमडी सतीश कुमार झा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
