
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 नवंबर। शुक्रवार को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न इंदिरा गांधी का 41वां शहादत दिवस एवं देश के प्रथम पूर्व उप प्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह का आयोजन जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अशोक राम की अध्यक्षता में शहीद भवन आरा में किया गया।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी एवं लौह पुरुष सरदार वल्लव भाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अपने संबोधन में अध्यक्ष अशोक राम ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी का जीवन साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने राष्ट्रहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारत की वैश्विक पहचान को सशक्त किया। उनका व्यक्तित्व और कार्यशैली आज भी हर कांग्रेसजन के लिए प्रेरणास्रोत है।आज देश में वैचारिक विभाजन और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियाँ हैं, तब इंदिरा गांधी जी के विचारों पर चलना और भी प्रासंगिक हो गया है।
उन्होंने देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए बताया कि सरदार वल्लव भाई पटेल भारतीय राजनीति में दृढ़ इच्छाशक्ति, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनका नेतृत्व और देशी रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने संवाद, कूटनीति और साहस से 562 रियासतों को एक राष्ट्र में जोड़ा। उनकी राजनीतिक इच्छा एक सशक्त, एकीकृत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण था।कार्यक्रम में घनश्याम उपाध्याय, अशोक सिंह यादव, विरेन्द्र मिश्रा, हकीम प्रसाद, बृजेंद्र राय, प्रमोद राय, राजकुमार पाठक, मुकेश सिंह, सुरेंद्र चौधरी, उदय कुमार, शिवनाथ पासवान, दिलीप कुमार, श्रीकांत पासवान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
