
पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 24 अक्टूबर। गुरुवार को ब्रह्मा जी के दिव्य अंश, ब्रह्मांड का लेखा-जोखा रखने वाले, लेखनी और न्याय के अधिष्ठाता भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना पारंपरिक रूप से की गई। पटना सहित पूरे बिहार मे कायस्थ समाज के लोगों ने अपने पूजनीय भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना पारंपरिक रूप से की। इस अवसर पर कायस्थ समाज के लोगों ने अपने घरों में भगवान चित्रगुप्त की पूजा की। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भी चित्रगुप्त भगवान की पूजा की गई। चित्रगुप्त जी महाराज के विभिन्न मंदिरों मे आराधना की गई। लोगों ने भगवान चित्रगुप्त के फोटो पर अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप, नैवेद्य, फल और मिठाई चढा कर उपासना की। भगवान चित्रगुप्त की पूजा के साथ-साथ कलम दवात की भी पूजा की गई और प्रसाद चढ़ाया गया। लोगों ने पूजा के बाद अपने कलम को कच्चे धागे से बांध दिया। पूजा के बाद कलम चलाना वर्जित है। कायस्थ समाज मे चित्रगुप्त पूजा के दिन पूजा के बाद से कलम से नहीं लिखने की परम्परा है जिसे आज भी कायस्थ समाज के लोग निभाते हैं।
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के द्वितीया तिथि को चित्रगुप्त पूजा किया जाता है। यम द्वितीया के शुभ अवसर पर भगवान चित्रगुप्त जी महाराज की पूजा का आयोजन किया जाता है। पटना के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई नामचीन हस्तियों ने भी चित्रगुप्त महाराज की पूजा अर्चना की। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, लोक नायक जयप्रकाश नारायण, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय एवं महामाया प्रसाद जैसे महान हस्ती भी गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में होने वाले चित्रगुप्त पूजा मे भाग ले चुके हैं। पटना सिटी के दीवान मोहल्ला स्थित अति प्राचीन चित्रगुप्त आदि मंदिर सहित सहाय सदन बेली रोड पटना मे भी श्री चित्रगुप्त जी महाराज का पूजनोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया।
