रेल बजट को खत्म कर मनमाने ढंग से काम कर रही सरकार!मेरे साथ उपमुख्यमंत्री रहे अपने अस्तित्व की खोज में कर रहे फिजूल की बयानबाजी:नीतीश कुमार
RKTV NEWS/अनिल सिंह,05 जून। आज सम्पूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर गांधी मैदान पटना के दक्षिणी पश्चिमी छोर स्थित गोलंबर में स्थापित महानक्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी एवं सम्पूर्ण क्रांति के महानायक लोकनायक स्वर्गीय जयप्रकाश नारायण की प्रतिमस्थल पर राजकीय समारोह का आयोजन किया गया।इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेंकर एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकनायक स्वर्गीय जयप्रकाश नारायण की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे शत शत नमन किया तथा उनके बताए आदर्शों को याद किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव,खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह,परिवहन मंत्री शीला कुमारी, उद्योग मंत्री समीर कुमार सेठ,सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री इसराइल मंसूरी,विधान पार्षद कुमुद वर्मा,पूर्व मंत्री श्याम रजक, पूर्व मंत्री विक्रम कुंवर,मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, जेपी सेनानीगण सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने लोकनायक स्वर्गीय जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित जेपी सेनानियों से मुलाकात की और उसका कुशलक्षेम पूछा।
इस अवसर पर बिहार गीत का गायन किया गया और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा भजन कीर्तन,पूजन एवं आरती पूजन किया गया।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा की आज ही के दिन पटना के गांधी मैदान से सम्पूर्ण क्रांति का आगाज हुआ था।आज के दिन लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे नमन करते है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की भूमिका को सभी को याद करना चाहिए।पत्रकारों के सवाल के जवाब में खगड़िया अगुआनी सुल्तानगंज निर्माणाधीन पूल के स्ट्रक्चर गिरने के बारे में बताया की निर्माणाधीन पूल का स्ट्रक्चर पहले एक बार और गिरा था। उस समय भी हमने पूछा था की ऐसा क्यों हुआ है?वर्ष 2012 में ही इस पुल के निर्माण करने का निर्णय लिया गया था और 2014 में इसकी शुरुआत हुई।कल ही जानकारी मिली की इसका स्ट्रक्चर फिर से गिरा है और तुरंत हमने विभाग के सभी अधिकारियों को जाकर देखने और दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।पूल का निर्माण कार्य मजबूत तरीके से हो इसके लिए भी हमने निर्देश दिए है।
ओडिसा रेल दुर्घटना सम्बन्धित सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा की यह घटना दुखद है।श्रद्धेय अटल जी के सरकार में हम जब रेल मंत्री थे तो उस समय भी रेल हादसा हुआ था मैने घटना स्थल पर जाकर मृतकों को देखा था काफी तकलीफ हुई थी तो हमने रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।लेकिन अटल जी ने उसे स्वीकार नहीं किया था।मैने आग्रह कर उन्हे दोबारा इस्तीफा दिया तब जाकर उन्होंने स्वीकार किया था। डेढ़ साल के बाद जब पुनः मुझे रेलमंत्री बनाया गया था तो मैंने प्रधानमंत्री जी से कहा था की रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से जो काम तय हुआ है उसपे काम किया जाए।उसके चलते रेलवे की स्थिति बेहतर हुई।ओडिसा में जो रेल हादसा हुआ है उसको ठीक से देखना चाहिए की घटना का कारण क्या है।पहले रेल का बजट अलग से पेश होता था।लोकसभा और राज्य सभा में रेल बजट पर विस्तृत चर्चा होती थी।सांसदों की बातें सुनी जाती थी और उनकी समस्याओं का निदान भी होता था।रेल बजट को इस सरकार ने खत्म कर दिया।रेल हादसे को लेकर पहले भी एक दो मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है।रेल मंत्रालय पुराना मंत्रालय है।लोगो की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है लेकिन रेल बजट को हटाकर सब कुछ अपने तरीके से किया जा रहा है।
12 जून को पटना में विपक्षी एकता की बैठक होने से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की 12 जून को होने वाली विपक्षी एकता की बैठक के लिए अधिकतर लोगों का समर्थन आ गया था ।12 जून को होने वाली बैठक को स्थगित कर दिया गया है।मैने कॉग्रेस पार्टी से कहा है की आपलोग भी बैठक की आगे की तारीख को लेकर बात कर लीजिए क्योंकि सभी पार्टी के अध्यक्षों को आना है कोई दूसरा आयेगा तो अच्छा नही लगेगा।उन्होंने ने पत्रकारों से कहा की आगे की तिथि को आपलोगो को बता दिया जायेगा। पुल की घटना पर विपक्षी पार्टियों के बयानों के बारे में उन्होंने कहा की लोग कुछ भी बोलते रहते है।उनका सिर्फ काम ही है बोलना।जो हमारे साथ उपमुख्यमंत्री थे उनको पार्टी ने कोई जगह नही दिया है तो फिर अस्तित्व में रहने के लिए कुछ न कुछ तो बोलना ही पड़ेगा।आज के कार्यक्रम में उनलोगो को भी आना चाहिए था क्योंकि वो लोग भी जेपी आंदोलन से जुड़े थे।


रेल बजट को खत्म कर मनमाने ढंग से काम कर रही सरकार!मेरे साथ उपमुख्यमंत्री रहे अपने अस्तित्व की खोज में कर रहे फिजूल की बयानबाजी:नीतीश कुमार