RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

दीपक

दीपक

मन मंदिर द्वार पर
जब तक
जलेगा नहीं दीपक
मिटिगा नहीं तिमिर साम्राज्य ।

रवि शशि उडगन
दिन रैन जल
हरते जगत का बाह्य तम
किंतु मन मंदिर भीतर
पहुँचती नहीं इनकी रश्मि
परिणाम होता कि
मन मंदिर भीतर
भरी रहती काली अंधियारी।

क्या जरूरत है
बाहर दीप जलाने की
बाहर तो रहता ही है उजाला
अंधेरा तो है मन मंदिर भीतर
जो दिखता नहीं मानव को
चक्षु रहते
मानव अंधा पशु सा
ताउम्र
गिरता रहता ठोकरें खा खा ।

अतः मानव
जलायेगा नहीं
जब तक
मन मंदिर द्वार पर दीपक
डूबा रहेगा नित तिमिर मध्य।

धर्मदेव सिंह
रचनाकार:धर्मदेव सिंह

Related posts

भोजपुर: राजद प्रदेश महासचिव ने किया विभिन्न गंगा घाटों का दौरा,राहत कार्यों पर लगाया अराजकता का आरोप।

rktvnews

नारनौल:प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को नशा, हानियां एवं नैतिकता पर की चर्चा।

rktvnews

शराबबंदी के खिलाफ होगा आंदोलन

rktvnews

भोजपुर: आरा में केदारनाथ ज्योतिर्लिंग का रूप प्रदर्शित।

rktvnews

बेतिया:गन्ना किसानों को चीनी मिलों द्वारा देय सभी सुविधाएं ससमय एवं पारदर्शी तरीके से मिले, इसे हर हाल में करें सुनिश्चित : जिलाधिकारी

rktvnews

देहरादून: राज्यपाल ने उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को दिलाई पद की शपथ।

rktvnews

Leave a Comment