निर्वाचन व्यय कोषांग, SST, FS, VST,VVT,AT और असिस्टेंट एक्सपेंडिचर आब्जर्वर (AEO )की चुनाव में होगी अहम भूमिका।
RKTV NEWS/मुजफ्फरपुर(बिहार)24 सितंबर।आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने तथा अभ्यर्थियों के व्यय पर प्रभावी निगरानी निरीक्षण , सत्यापन एवं नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से निर्वाचन व्यय कोषांग गठित किया गया है। इस कार्य में सहयोग करने हेतु स्टेटिक सर्विलांस टीम (SST), फ्लाइंग स्क्वाड (FS), वीडियो व्यूइंग टीम (VVT), वीडीयो सर्विलांस टीम (VST), अकाउंटइंग टीम (AT) और असिस्टेंट एक्सपेंडिचर आब्जर्वर (AEO ) की प्रतिनियुक्ति करते हुए निर्वाचन व्यय कोषांग को सक्रिय एवं तत्पर किया गया है।
निर्वाचन व्यय कोषांग की अहम भूमिका
उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की निगरानी निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।अभ्यर्थियों के व्यय की सीमा 40 लाख निर्धारित है । इसी उद्देश्य से निर्वाचन व्यय कोषांग गठित किया गया है, जो प्रत्याशियों के हर खर्च का संधारण, जांच और सत्यापन करेगा।
प्रचार सामग्री, वाहन किराया, सभा, जुलूस, बैनर-पोस्टर, सोशल मीडिया प्रचार, कार्यालय व्यय, भोजन वितरण से लेकर प्रचार गीतों तक का विस्तृत लेखा-जोखा इस कोषांग की निगरानी में रहेगा।
अभ्यर्थियों के द्वारा व्यय पंजी का संधारण किया जाएगा एवं इसका सत्यापन अकाउंटिंग टीम के द्वारा शैडो ऑब्जर्वेशन रजिस्टर (SOR) से किया जाएगा । सभी गठित दलों के सहयोग से आंकड़ों का संकलन, विश्लेषण और सीमा से अधिक खर्च पर रिपोर्ट तैयार करना कोषांग की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
इस कोषांग में नोडल पदाधिकारी,सहायक नोडल पदाधिकारी, अन्य पदाधिकारी, डेटा एंट्री ऑपरेटर और सहायक कर्मी तैनात रहेंगे। इस कोषांग के नोडल पदाधिकारी राज्य कर अपर आयुक्त , वाणिज्य कर विभाग मुजफ्फरपुर हैं जिनकी सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग में कोषांग कार्य करेगा।
स्टेटिक सर्विलांस टीम (SST) की जिम्मेदारी
SST का कार्य चुनाव अवधि में नकद राशि, शराब, उपहार सामग्री, मादक पदार्थ या प्रलोभनकारी सामान की आवाजाही पर रोक लगाना है।
संदिग्ध वाहनों की चेकिंग, तलाशी और जब्ती का अधिकार SST के पास होगा।
बड़ी मात्रा में नगदी (50 हज़ार से अधिक),शराब या गिफ्ट सामग्री मिलने पर तत्काल जब्त कर रिपोर्ट व्यय कोषांग को सौंपी जाएगी।
फ्लाइंग स्क्वाड (FS) की भूमिका
FS को चुनाव प्रचार से संबंधित सभी गतिविधियों एवं आचार संहिता के उल्लंघन की निगरानी सौंपी गई है।
सभा, रैली, रोड शो, नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों की वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग होगी। इसके लिए राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा की जा रही गतिविधियों पर पैनी नजर रखना होता है ताकि खर्च का लेखा निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से संधारित किया जा सके।
खर्च का आकलन कर रिपोर्ट व्यय कोषांग को दी जाएगी।
वीडियो सर्विलांस टीम (VST) एवं वीडियो व्यूइंग टीम (VVT) की निगरानी
VST विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों और हाई-प्रोफाइल प्रत्याशियों के कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग करेगी।
VVT द्वारा वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर प्रत्याशी के अनुमानित खर्च का मूल्यांकन किया जाएगा। VST के द्वारा फील्ड मे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे राजनीतिक गतिविधियों का साक्ष्य के रूप में वीडियो फोटो तैयार कर रिकॉर्ड किए जाएंगे जिसके आधार पर प्रत्याशियों के व्यय का विवरण तैयार किया जाएगा।
व्यय कोषांग इसी रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक आंकलन करेगा।
असिस्टेंट एक्सपेंडिचर आब्जर्वर (AEO): एक्सपेंडिचर आब्जर्वर (EO) की आंख और कान
AEO, चुनाव आयोग एवं व्यय प्रेक्षक (EO) की आंख और कान होते हैं।
इनकी नियुक्ति केंद्रीय सेवाओं से की जाती है।
AEO द्वारा चुनाव प्रचार संबंधित गतिविधियों और व्यय गतिविधियों पर सतत् निगरानी रखी जाएगी।इनके द्वारा प्रत्येक दिन व्यय प्रेक्षक (EO) को प्रतिवेदन तथा EO के निदेशानुसार आवश्यक कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पारदर्शिता और समन्वय का संगम
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यदि व्यय पर नियंत्रण नहीं रहा तो चुनाव निष्पक्ष नहीं कहलाएगा।
इसलिए सभी कोषांग और टीमें आपसी समन्वय से कार्य करेंगी।
व्यय कोषांग द्वारा प्रतिदिन समीक्षा बैठक कर खर्च का मिलान होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को सजग रहते हुए निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाये रखने की जवाबदेही होगी।

