
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 सितंबर। मंगलवार को वीर कुंवर सिंह स्मृति परिषद के अध्यक्ष डॉ शशि कुमार सिंह ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर कुंवर सिंह देश की आज़ादी के अमर प्रतीक हैं। उनका सम्मान हर भारतीय का कर्तव्य है। किंतु भाजपा नेताओं और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह द्वारा हाल ही में प्रतिमा अनावरण के नाम पर की गई हरकत न केवल स्वतंत्रता सेनानी का अपमान है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों की हत्या और संविधान पर सीधा हमला है। इस विषय पर जैन कॉलेज के पूर्वी गेट पर वीर कुंवर सिंह स्मृति परिषद की एक आपातकालीन बैठक दिन के 12:30 बजे आयोजित की गई।आरा स्टेशन परिसर में वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पूर्व में गलत दिशा में स्थापित कर दी गई थी। इस गंभीर भूल के विरोध में वीर कुंवर सिंह स्मृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. शशि कुमार सिंह ने रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दिशा सुधार की मांग की थी। इसके बाद उद्घाटन टल गया और प्रतिमा की दिशा बदली गई।
इसके बावजूद छह माह से अधिक समय तक यह विवाद बना रहा कि अनावरण वर्तमान सांसद सुदामा प्रसाद करेंगे न कि भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री आर.के. सिंह क्योंकि संविधान और प्रोटोकॉल इसकी इजाजत नहीं देते हैं। बावजूद इसके नियम पारीनियमों को ताक पर रखकर अंततः 21 सितम्बर को आर.के. सिंह ने अपने समर्थकों को लेकर अवैधानिक रूप से प्रतिमा का “मुंह खोल दिया” और इसे अनावरण बता दिया। यह कृत्य लोकतंत्र, संविधान और शहीदों के सम्मान – तीनों का अपमान है।वीर कुंवर सिंह स्मृति परिषद इस संविधान विरोधी कदम का कड़ा विरोध करती है। इस आशय का पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित सभी संवैधानिक पदाधिकारियों को भेजा गया है। परिषद ने मांग की है कि इस अपमानजनक कृत्य में शामिल सभी अवांछित तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।यदि सम्मानजनक और औपचारिक समारोह के साथ प्रतिमा का पुनः अनावरण नहीं किया गया तो परिषद लंबा आंदोलन चलाएगी और भाजपा के हर चेहरे को जनता के बीच बेनकाब करेगी।वीर कुंवर सिंह स्मृति परिषद ने ही 2008 में संसद भवन के भीतर वीर कुंवर सिंह का पोर्ट्रेट स्थापित कराने में सफलता प्राप्त की थी। यह संस्था हमेशा उनके गौरव की रक्षा में सक्रिय रही है और आगे भी किसी भी कीमत पर वीर कुंवर सिंह के मान–सम्मान की रक्षा करेगी।
