बवंडर ही उड़ा ले जाए वो तिनका नहीं हूं।
किसी की जी हुजूरी गाऊं वो बंधुआ नहीं हूं।
महेश अग्रवाल
तिश्नालबी को और हवा दी है आपने
रातों में जागने की सजा दी है आपने।
डॉ. इसरार कुरैशी
भोपाल/मध्यप्रदेश 30 मई। मध्यप्रदेश लेखक संघ की प्रांतीय गजल गोष्ठी का आयोजन हिंदी भवन भोपाल में 28 मई को किया गया, जिसमे पूरे प्रदेश से पधारे शायरों ने अपनी गजलें पेश की।कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. प्रभु दयाल मिश्र ने की। मुख्य अतिथि डा इसरार कुरैशी, सारस्वत अतिथि श्री महेश अग्रवाल भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल सोनी एवम सुप्रसिद्ध शायर शफी लोदी रतलामी ने किया।मां सरस्वती को माल्यार्पण पश्चात सुनील चतुर्वेदी, पर्वत गिरी गोस्वामी, दिनेश मालवीय, ने आमंत्रित अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया। कार्यक्रम में डा अनिल शर्मा मयंक, श्री नलिन खोईवाल इंदौर, अरविंद दुबे बैरसिया, रवींद्र यादव पलेरा, अनिरुद्ध सिंह सेंगर गुना, अरुण अपेक्षित इंदौर, श्रीमती मधु शुक्ला भोपाल, जय कृष्ण चांडक हरदा, डा रफीक नागौरी उज्जैन, राजकुमार कोरी बैतूल, संतोष जैन घोड़ाडोंगरी, और शफी लोदी रतलामी ने अपनी शानदार गजलें पढ़कर श्रोताओं को तालियां पीटने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम पर अपनी विद्वत विवेचना करते हुए श्री महेश अग्रवाल ने गजल की बारीकियों से रूबरू कराते हुए प्रस्तुत गजलों की सम्यक विवेचना की। डा इसरार कुरैशी ने अपनी समीक्षा में कहा कि गजलों में जीवन का सच बयां होता है, इस दृष्टि से आज की गजल गोष्ठी एक सफल गोष्ठी कही जा सकती है। अध्यक्ष डा प्रभुदयाल मिश्र ने कहा कि आज की गोष्ठी में बेहतरीन रचनाएं प्रस्तुत की गईं जो जीवन मूल्यों का समर्थन करते हुए समाज को एकता का संदेश देती हैं।अंत में श्री सुनील चतुर्वेदी (संस्था कोषाध्यक्ष) ने आभार प्रदर्शन किया।
गोष्ठी में बाहर से पधारे एवम स्थानीय साहित्य एवम गजल प्रेमियों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दी।
