
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)15 सितंबर।आत्मा, सभागार दुमका में परियोजना निदेशक, आत्मा-सह-कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, दुमका की अध्यक्षता में कृषक वैज्ञानिक अन्तरमिलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुख्यतः जिला सहकारिता पदाधिकारी दुमका, कृषि विज्ञान केन्द्र दुमका से वरीय वैज्ञानिक डॉ० किरण कंडिर, परियोजना निदेशक, आत्मा-सह-कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, दुमका, एनजीओ (प्रसारी) की और से एक्जीक्यूटिव दिवेन्दु साहा शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य विषय सब्जी फसलों का उत्पादन एवं कीट एवं रोग प्रबंधन था। सर्वप्रथम जिला सहकारिता पदाधिकारी दुमका की ओर से जानकारी दी गई समुह में खेती कर किस प्रकार सब्जीयों का बेहतर बाजार में कीमत निर्धारण किया जा सकता है साथ ही बाहर के बाजारों में भी अपने उत्पादों को बेचा जा सकता है।
कृषि विज्ञान केन्द्र की वरीय वैज्ञानिक डॉ० किरण कंडिर मैडम के द्वारा स्ट्रॉबेरी की खेती पर विशेष जानकारी किसानों को दिया गया साथ ही इस खेती के लिए टपक सिंचाई की आवश्यकता बताई गई जिसके लिए पीडीएमसी जैसी योजनाओं का सहयोग लिया जा सकता है।
सब्जी की खेती में कीट रोग प्रबंधन के लिए मिक्स क्रॉपिंग के जरिए भी कीट प्रबंधन किया जा सकता है लेंमनग्रास, धनिया पत्ता आदि का एक-एक क्यारि बना कर कीट प्रकोप को कम किया जा सकता है।
परियोजना निदेशक आत्मा-सह-कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि आत्मा समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम के जरिए किसानों की फसल संबंधी जानकारी देता रहेगा साथ ही कनीय पौधा संरक्षण कार्यालय से कीट रोग प्रबंधन के लिए कीट नाशक इत्यादि का वितरण किसानों के बीच किया जा रहा है जरूरत मंद किसान कार्यालय आकर सहायता प्राप्त कर सकते है सभी प्रखंडों में पौधा संरक्षण कार्यालय स्थापित है जहाँ से ऐसी दवाओं की प्राप्ति की जा सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित एनजीओ के एक्जीक्यूटिव द्वारा बताया गया कि अंसिचित भुमि पर उनके माध्यम से पहाड़िया समुदाए के किसानों क बीच मशरूम उत्पादन जैसे कार्य के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में दुमका जिला के सभी प्रखंड़ों से किसान विशेष कर सब्जी उत्पादक किसान उपस्थित होकर अपनी जानकारी में इजाफा किए।
किसानों द्वारा विशेष कर इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसे कार्यक्रम किसानों के हित में सभी प्रखंडों में किया जाना चाहिए। इसके लिए परियोजना निदेशक आत्मा द्वारा पुर्ण सहमति जाहिर की गई।
